बिलासपुर

खूनी रफ्तार का तांडव : बिलासपुर में रेत से भरे ‘यमदूत’ ने कार को कुचला, एक युवती की मौत, 3 की हालत नाजुक!…

बिलासपुर। न्यायधानी की सड़कें बीती रात खून से लाल हो गई। सरकंडा के नूतन चौक पर उस वक्त कोहराम मच गया, जब रेत से लदे एक बेलगाम हाइवा ने कार को पीछे से रौंद डाला। हादसा इतना भीषण था कि लोहे की कार कागज की डिब्बी की तरह पिचक गई। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली टक्कर में एक युवती की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक मौत से जंग लड़ रहे हैं।

मौत का मंजर : जब चीखों से गूंज उठी सेंट्रल लाइब्रेरी की सड़क – रात के सन्नाटे को चीरती हुई एक जोरदार टक्कर और फिर सिर्फ चीखें… नूतन चौक स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी के सामने नजारा खौफनाक था। तेज रफ्तार हाइवा (CG 18 J 9955) ने कार (CG 12 AU 0995) को इतनी जोर से टक्कर मारी कि कार के दरवाजे तक जाम हो गए। अंदर फंसे लोग खून से लथपथ मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन गाड़ी के परखच्चे उड़ने के कारण उन्हें निकालना नामुमकिन सा लग रहा था।

न सिस्टम जागा, न एम्बुलेंस आई : जनता ने उखाड़े कार के दरवाजे – ​हादसे के बाद प्रशासन की संवेदनहीनता एक बार फिर उजागर हुई। मौके पर मौजूद भीड़ आक्रोशित हो गई जब घंटों इंतजार के बाद भी एम्बुलेंस नहीं पहुंची।

  • साहस की मिसाल : स्थानीय युवाओं ने हार नहीं मानी, दूसरी गाड़ी बुलाकर कार को टोचन किया और लोहे के दरवाजों को उखाड़ फेंका।
  • पुलिस की मौजूदगी : आक्रोश को देखते हुए इलाके को छावनी में तब्दील करना पड़ा। आखिरकार डायल 112 की मदद से घायलों को सिम्स भेजा गया।

बड़े सवाल : आखिर कब थमेगा शहर में भारी वाहनों का आतंक?

  • प्रतिबंध के बाद एंट्री कैसे? शहर के भीतर रात के समय रेत से भरे हाइवा इतनी तेज रफ्तार में कैसे दौड़ रहे हैं?
  • एम्बुलेंस की देरी का जिम्मेदार कौन? क्या वक्त पर इलाज मिलता तो युवती की जान बच सकती थी?
  • चौक पर सुरक्षा कहाँ थी? सेंट्रल लाइब्रेरी जैसे व्यस्त इलाके में पुलिस की चेकिंग और स्पीड ब्रेकिंग के इंतजाम क्यों नहीं थे?

“यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही से की गई हत्या है। भारी वाहनों की बेखौफ आवाजाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं।”

ताजा अपडेट : पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार हाइवा चालक की तलाश में दबिश दी जा रही है। शहर के नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!