परफ्यूम पीकर मौत को गले लगाया: कोरबा में अंधविश्वास की बलि चढ़ा एक और युवा?…

कोरबा। जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने आधुनिक समाज और विज्ञान को फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है। 28 वर्षीय विद्यासागर ने न केवल फांसी लगाकर अपनी जान दी, बल्कि मौत से ठीक पहले ऑनलाइन मंगवाया गया परफ्यूम पी लिया।
पूरी घटना: खुशियों के बीच मातम का साया – कटघोरा का रहने वाला विद्यासागर पेशे से मिस्त्री था। घर में खुशियां दस्तक देने वाली थीं – उसकी पत्नी 7 माह की गर्भवती है और पिछले साल ही उसकी शादी हुई थी। लेकिन सोमवार (5 जनवरी) की शाम अचानक सब कुछ बदल गया।
- अजीब व्यवहार: छोटे भाई से परफ्यूम लिया, उसे लगाया और फिर कमरे में जाकर उसे गटक लिया।
- अंतिम कदम: परफ्यूम पीने के तुरंत बाद उसने फांसी लगा ली। परिजनों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
परिजनों का दावा : “जादू-टोने ने ली जान” – मृतक के बड़े भाई बजरंग सिंह उइके का कहना है कि विद्यासागर किसी अदृश्य साये या जादू-टोने की गिरफ्त में था।
”उसकी मानसिक स्थिति अचानक बदल जाती थी। वह शांत स्वभाव का था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत रहस्यमयी ढंग से बिगड़ रही थी। हमें यकीन है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि जादू-टोने का असर है।”
विशेषज्ञों की राय : “डर ही असली हत्यारा है” – अंधविश्वास के खिलाफ लड़ने वाले डॉ. दिनेश मिश्र ने इस मामले पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने साफ कहा कि:
- कोई जादू-टोना किसी की जान नहीं ले सकता।
- समाज में फैला डर और भ्रम व्यक्ति को मानसिक रूप से इतना कमजोर कर देता है कि वह आत्मघाती कदम उठा लेता है।
- यह पूरी तरह से मानसिक धारणा का मामला है, जिसे अंधविश्वास का रंग दिया जा रहा है।
कानूनी स्थिति और जांच : पुलिस को घटनास्थल से परफ्यूम की खाली शीशी बरामद हुई है। जिला अस्पताल चौकी प्रभारी सुरेश मणि सोनवानी के अनुसार, परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की डायरी संबंधित थाने को भेज दी गई है।
क्या यह मानसिक बीमारी (जैसे क्लिनिकल डिप्रेशन या साइकोसिस) का मामला था जिसे ‘जादू-टोना’ समझकर अनदेखा किया गया? एक गर्भवती पत्नी और उजड़ते परिवार के पीछे छिपे इन सवालों के जवाब अब पुलिसिया जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही मिलेंगे।




