सरगुजा पुलिस की बड़ी सफलता: 20 लाख की लूट का चंद घंटों में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार…

अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी के साथ हुई 20 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की गुत्थी को मात्र कुछ ही घंटों में सुलझा लिया है। पुलिस ने न केवल दो आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा, बल्कि लूट की शत-प्रतिशत राशि और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
वारदात : सिर पर वार कर छीना था रुपयों से भरा बैग – घटना 28 दिसंबर की रात करीब 9:30 बजे की है। सज्जन कॉलोनी निवासी व्यवसायी श्री अनिल अग्रवाल जब अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी सत्तीपारा कैलाश मोड़ के पास घात लगाए बैठे अज्ञात बदमाशों ने उन पर डंडे से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में व्यवसायी के सिर पर गंभीर चोटें आईं। बदमाश उनके हाथ से 20 लाख रुपये नगद से भरा बैग छीनकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए।
एक्शन में पुलिस: शहर भर में नाकाबंदी और घेराबंदी – मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के निर्देशन और एएसपी अमोलक सिंह ढिल्लो व सीएसपी राहुल बंसल के मार्गदर्शन में कोतवाली, मणिपुर, गांधीनगर और यातायात पुलिस को अलर्ट किया गया।
- शहर के सभी निकास मार्गों पर कड़ी नाकाबंदी की गई।
- साइबर सेल और कोतवाली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
- मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया, जिससे सूचना मिली कि संदिग्ध जगदीशपुर के खेतों में छिपे हैं।
खेतों में पीछा और बरामदगी : पुलिस टीम ने जब जगदीशपुर के खेतों में दबिश दी, तो आरोपी भागने लगे। पीछा करने के दौरान आरोपियों के हाथ से रुपयों से भरा बैग गिर गया और वे अपनी सफेद रंग की पल्सर NS मोटरसाइकिल छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने मौके से 18 लाख रुपये बरामद किए।
दोनों आरोपी गिरफ्तार, शेष राशि भी बरामद : तकनीकी इनपुट और घेराबंदी के जरिए पुलिस ने अंततः दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- दीपक दास (24 वर्ष) – निवासी लखनपुर।
- रोहित दास – निवासी अंबिकापुर।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने इनके पास से लूट की शेष 2 लाख रुपये की राशि भी बरामद कर ली है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है।
इनकी रही मुख्य भूमिका : इस त्वरित कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी अजीत मिश्रा, उप निरीक्षक सी.पी. तिवारी सहित साइबर सेल और कोतवाली की पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।




