कलेक्टोरेट में ‘सिस्टम’ का सरेंडर : सुरक्षाकर्मियों की नाक के नीचे चोरों का तांडव, खनिज विभाग के जब्त वाहनों को बना रहे निशाना…

रायगढ़। न्याय और प्रशासन का केंद्र कहलाने वाला रायगढ़ कलेक्टोरेट परिसर इन दिनों चोरों की ‘मौज-मस्ती’ का अड्डा बन गया है। जिस परिसर से पूरे जिले की कानून व्यवस्था नियंत्रित होती है, वही परिसर अब चोरों के लिए सुरक्षित चारागाह साबित हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि चक्रधर नगर थाना चंद कदमों की दूरी पर है, फिर भी बेखौफ चोरों ने खनिज विभाग द्वारा जब्त किए गए ट्रैक्टरों और हाईवा को अपना “स्पेयर पार्ट्स बैंक” बना लिया है।

अंधेरे का फायदा : कलेक्टोरेट बना ‘बार’ और ‘बाजार’ – शाम ढलते ही कलेक्टोरेट परिसर का एक हिस्सा असामाजिक तत्वों के कब्जे में चला जाता है। पर्याप्त रोशनी न होने के कारण जब्त वाहनों के पास बैठकर न केवल शराबखोरी हो रही है, बल्कि अंधेरे की आड़ में ही चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। पिछले दो दिनों में चोरों ने ट्रैक्टरों के साइलेंसर और बैटरी पार कर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं।
चोरी के खेल में ‘प्रोफेशनल’ गिरोह सक्रिय : यह कोई छिटपुट चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का काम लग रहा है। भारी-भरकम बैटरी और साइलेंसर को पैदल ले जाना संभव नहीं है, जिससे साफ है कि चोर वाहनों के साथ परिसर में दाखिल होते हैं और इत्मीनान से माल पार कर देते हैं।
बड़ा सवाल : जब प्रशासन आम जनता को अपने घरों में सीसीटीवी लगाने की नसीहत देता है, तो खुद का सबसे महत्वपूर्ण परिसर अंधेरे और असुरक्षा में क्यों डूबा हुआ है?
सुरक्षा के दावों की खुली पोल :
- थाने की नजदीकी का डर नहीं : बाजू में ही चक्रधर नगर थाना है, लेकिन गश्त के नाम पर खानापूर्ति होने से चोरों के हौसले बुलंद हैं।
- 24 घंटे सुरक्षा का दावा फेल : सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद वाहन कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं।
- सीसीटीवी का अभाव : इतने संवेदनशील परिसर में चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखने वाले कैमरों की कमी सरकारी लापरवाही को उजागर करती है।
जुर्माने के इंतजार में लुट रहे वाहन मालिक – खनिज विभाग रेत चोरी और अवैध परिवहन में जो गाड़ियां जब्त करता है, उनके मालिक जब तक पेनाल्टी भरने की प्रक्रिया पूरी करते हैं, तब तक उनकी गाड़ी के कीमती पार्ट्स गायब हो चुके होते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि प्रशासन की कस्टडी में खड़े वाहनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?




