बिलासपुर

बिलासपुर ब्रेकिंग: रिश्वतखोरी के ‘सिस्टम’ पर ACB का हथौड़ा! बोदरी नगर पंचायत की CMO और बाबू 12 हजार लेते रंगेहाथ गिरफ्तार…

बोदरी नगर पंचायत में मचा हड़कंप : ‘नक्शा पास’ कराने के नाम पर चल रहा था ‘जेब भरने’ का खेल, एंटी करप्शन ब्यूरो ने दफ्तर के भीतर ही दबोचा

बिलासपुर । सरकारी कुर्सी पर बैठकर जनता के काम को लटकाने और टेबल के नीचे से नोटों की गड्डी सरकाने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के लिए आज का दिन ‘ब्लैक डे’ साबित हुआ। बिलासपुर जिले के बोदरी नगर पंचायत में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी थीं, इसका पर्दाफाश आज एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई में किया।

​सफेदपोश पद की आड़ में चल रही वसूली के इस खेल में ACB ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) श्रीमती भारती साहू और उनके विश्वस्त बाबू सुरेश सीहोरे को 12,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ (Red-Handed) गिरफ्तार कर लिया है।

पूरी वारदात : जब ‘साहब’ बन गए ‘मुलजिम’ – आज दोपहर लगभग 3:30 बजे, जब बोदरी नगर पंचायत का कामकाज सामान्य लग रहा था, तभी ACB की टीम ने दफ्तर में दबिश दी। नजारा चौंकाने वाला था – जनता की सेवा के लिए तैनात बाबू और अधिकारी रिश्वत के नोट गिन रहे थे।

“सरकारी फीस जमा थी, फिर भी चाहिए थी ‘ऊपरी कमाई'” – फरियादी ने बताया कि उसने नियमनुसार 20,000 का डिमांड ड्राफ्ट और 47,257 रुपये की अन्य फीस जमा कर दी थी। इसके बावजूद, बाबू सुरेश सीहोरे और CMO भारती साहू की फाइल पर कलम तब तक नहीं चल रही थी, जब तक उनकी ‘जेब गरम’ न की जाए।

15 हजार की मांग, 12 हजार में सौदा और फिर… ‘द एंड’ – ​नूतन चौक, सरकंडा के रहने वाले जागरूक नागरिक वेदराम निर्मलकर ने भ्रष्ट तंत्र के सामने झुकने से इनकार कर दिया।

  • शिकायत : 12 दिसंबर को वेदराम ने ACB का दरवाजा खटखटाया।
  • सौदा : मकान का नक्शा पास करने के लिए 15,000 रुपये मांगे गए थे, लेकिन ‘मोलभाव’ के बाद भ्रष्ट अधिकारी 12,000 रुपये पर मान गए।
  • ट्रैप : आज जैसे ही प्रार्थी ने बाबू सुरेश सीहोरे के हाथ में रासायनिक पाउडर लगे नोट थमाए और बाबू ने उसे स्वीकार किया, पहले से घात लगाए बैठी ACB टीम ने धावा बोल दिया।

दफ्तर में पसरा सन्नाटा – रिश्वत की रकम बाबू सुरेश के पास से बरामद होते ही CMO भारती साहू के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। ACB ने तुरंत दोनों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद से पूरे नगर पंचायत कार्यालय और बिलासपुर के प्रशासनिक गलियारों में खलबली मची हुई है।

कानूनी शिकंजा : दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

तीखा सवाल : प्रदेश भर में ACB की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है, फिर भी अधिकारियों का दुस्साहस कम क्यों नहीं हो रहा? क्या CMO जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों को कानून का कोई खौफ नहीं रहा? आज की कार्रवाई ने एक बात साफ कर दी है – अगर आप रिश्वत मांगेंगे, तो सलाखें आपका इंतजार कर रही हैं।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!