बिलासपुर नगर निगम में बड़ा टैक्स घोटाला: 14.18 लाख डकारने वाले RI सस्पेंड, कमिश्नर ने दिए FIR और रिकवरी के आदेश…

बिलासपुर। न्यायधानी के नगर पालिक निगम में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। निगम के जोन क्रमांक 2 में पदस्थ राजस्व निरीक्षक (RI) रामनारायण देवांगन ने जनता से टैक्स के रूप में वसूले गए 14.18 लाख रुपए सरकारी खजाने में जमा करने के बजाय खुद डकार लिए। इस गंभीर वित्तीय गबन का खुलासा होने के बाद निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी RI को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
तीन साल से चल रहा था ‘वसूली’ का खेल – जांच में यह बात सामने आई है कि RI रामनारायण देवांगन ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से लेकर 2024-25 के दौरान निगम के राजस्व में बड़ी सेंधमारी की। उन्होंने शहरवासियों से संपत्तिकर, समेकित कर और यूजर चार्ज के रूप में कुल 14,18,207 रुपए की वसूली तो की, लेकिन इस राशि को नियम के विरुद्ध निकाय के मुख्य खाते (कोष) में जमा नहीं कराया। यह पैसा पिछले तीन वर्षों से RI के पास ही पड़ा रहा, जिसे सीधे तौर पर गंभीर आर्थिक अनियमितता और गबन माना गया है।
ऑडिट में खुली ‘भ्रष्टाचार की पोल’ : इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश नगर निगम के आंतरिक ऑडिट (Internal Audit) के दौरान हुआ। वर्तमान में निगम के भीतर वर्ष 2023-24 के खातों का ऑडिट किया जा रहा था। जब जोन क्रमांक 2 के दस्तावेजों का मिलान किया गया, तो वसूली गई राशि और सरकारी खाते में जमा राशि के बीच भारी अंतर पाया गया।
ऑडिट रिपोर्ट मिलते ही निगम आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया और संयुक्त संचालक (वित्त) के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय जांच टीम गठित की। जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि RI ने जानबूझकर सरकारी धन को दबा कर रखा था।
कठोर कार्रवाई : आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी RI रामनारायण देवांगन के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (ख) के तहत निलंबन की कार्रवाई की है।
आयुक्त के कड़े निर्देश :
- तत्काल निलंबन : आरआई को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।
- पूरी रिकवरी : गबन की गई पूरी राशि (14.18 लाख रुपए) आरोपी के वेतन या अन्य स्रोतों से वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।
- पुलिस केस की चेतावनी : निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर राशि जमा नहीं की गई, तो आरोपी के खिलाफ थाने में FIR दर्ज कराई जाएगी।
निगम प्रशासन में हड़कंप : इस कार्रवाई के बाद नगर निगम के अन्य जोन और विभागों में भी हड़कंप मच गया है। कमिश्नर ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जनता के पैसे का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, निगम प्रशासन अब अन्य जोन की फाइलों को भी खंगालने की तैयारी में है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य जगहों पर भी तो इस तरह का ‘खेल’ नहीं चल रहा है।



