नशीली दवाओं के सौदागरों पर तमनार पुलिस का प्रहार: गिरोह का दूसरा सदस्य गिरफ्तार, जेल भेजा गया…

रायगढ़, 25 जनवरी 2026: जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में तमनार पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल की तस्करी करने वाले गिरोह के फरार सदस्य सुनील बेहरा को पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस नेटवर्क का भंडाफोड़ 22 जनवरी को हुई पहली गिरफ्तारी के बाद हुआ था।
क्या है पूरा मामला? – मामले का खुलासा 22 जनवरी को हुआ जब मुखबिर की सटीक सूचना पर मिलूपारा-कोड़केल मार्ग पर घेराबंदी कर निलमणी गुप्ता (30 वर्ष) को बिना नंबर की पल्सर मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा गया था। तलाशी के दौरान उसके पास से 288 नग स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस (Spasmo Proxyvon Plus) प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद हुए थे।
पूछताछ में खुला राज : ‘फोनपे’ के जरिए होता था लेनदेन – मुख्य आरोपी निलमणी गुप्ता ने कड़ाई से पूछताछ में बताया कि तस्करी का यह खेल सुनियोजित तरीके से चल रहा था। उसने कुबूल किया कि:
- कुल बरामद कैप्सूल में से 30 पत्ते सुनील बेहरा (निवासी लिबरा) के थे।
- सुनील ने लैलूंगा के सप्लायर विकास यादव को 6000 रुपये PhonePe के माध्यम से भेजकर यह खेप मंगवाई थी।
- गिरोह का मकसद इन प्रतिबंधित दवाओं को स्थानीय युवाओं के बीच चोरी-छिपे ऊंचे दामों पर बेचना था।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी : तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फरार आरोपी सुनील बेहरा को आज (25 जनवरी) गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब तक इस मामले में निम्नलिखित सामान जब्त कर चुकी है:
- प्रतिबंधित कैप्सूल : 288 नग (कीमत ₹3,294)
- वाहन : बजाज पल्सर NS 125 (कीमत ₹95,000)
- मोबाइल : मोटोरोला स्मार्टफोन (कीमत ₹20,000)
- कुल जब्ती: ₹1,18,284/-
सप्लायर की तलाश जारी : पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। निलमणी गुप्ता और सुनील बेहरा अब जेल की सलाखों के पीछे हैं, जबकि मुख्य सप्लायर विकास यादव (ग्राम राजपुर, लैलूंगा) अभी फरार है। पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
“नशे के इस अवैध नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना हमारी प्राथमिकता है। इस गिरोह से जुड़े हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा।” — तमनार पुलिस




