जनसेवा का ‘गोल्डन चैप्टर’ : रायगढ़ से तमनार तक ‘आदिशक्ति कर्मयोगियों’ का डंका, प्रशासन और समाज दोनों ने माना ‘सेवा का लोहा’…

रायगढ़। बिना शोर-शराबे के समाज की नींव सींचने वालों की गूंज जब सरकारी दफ्तरों तक पहुँचती है, तो इतिहास बनता है। रायगढ़ जिले में सेवा का एक ऐसा ही नया अध्याय लिखा गया है। ‘आदिशक्ति कर्मयोगी’ संगठन के जांबाज वालंटियर्स ने अपनी निष्काम सेवा से न केवल समाज का दिल जीता है, बल्कि प्रशासन को भी अपनी पीठ थपथपाने पर मजबूर कर दिया है।
दोहरी जीत: समाज का प्यार और प्रशासन की मुहर : एक तरफ विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति (पंजीयन क्र. CG10907) ने इन कर्मयोगियों को ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ का असली नायक बताते हुए सम्मानित किया, तो दूसरी तरफ तमनार जनपद पंचायत के CEO श्री संजय चंद्रा ने इन्हें “लोकतंत्र की असली ताकत” करार दिया।
CEO बोले- “ये हैं सिस्टम और जनता के बीच का सेतु” : तमनार जनपद में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में CEO श्री चंद्रा ने साफ शब्दों में कहा, “विपरीत हालातों में भी डटे रहना कोरी समाजसेवा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना की पराकाष्ठा है। ये वालंटियर्स प्रशासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने वाले सबसे मजबूत स्तम्भ हैं।”
इन कर्मवीरों का हुआ सम्मान : लीलावती चौहान, गोमती राठिया, कुंती साव, ज्योति चौहान, जमुना भगत, रुकमणी साव, देवमती बंजारा, नंदिनी राठिया और अमरदीप चौहान। यह केवल नाम नहीं, बल्कि रायगढ़ से तमनार तक सेवा के पर्याय बन चुके हैं।
यह सम्मान प्रमाण है कि जब नीयत साफ़ हो, तो सफलता शोर मचा ही देती है। आदिशक्ति कर्मयोगियों की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नज़ीर बन गई है।




