कवर्धा में ‘लव मैरिज’ का खौफनाक अंजाम : जिस घर में डोली उतरी, उसी के सेप्टिक टैंक से निकली बहू की सड़ी-गली लाश…

• ससुर की नफरत की भेंट चढ़ी कामिनी? 4 महीने तक घर के आंगन में ही दफन रहा राज…
कवर्धा (छत्तीसगढ़) : प्यार करने की सजा इतनी खौफनाक हो सकती है, इसकी कल्पना शायद कवर्धा की कामिनी निषाद ने सपने में भी नहीं की होगी। महज़ 6 महीने पहले जिस प्रेमी का हाथ थामकर उसने समाज से बगावत की थी, आज उसी ससुराल के सेप्टिक टैंक से उसकी सड़ी-गली लाश बरामद हुई है। इस घटना ने न केवल सहसपुर लोहारा क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि ‘ऑनर किलिंग’ जैसी गहरी साजिश की ओर भी इशारा किया है।
साजिश की बदबू ने खोला मौत का राज : सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के बांधाटोला गांव में गुरुवार को सन्नाटा तब चीख-पुकार में बदल गया, जब भोजराज पटेल के घर से उठ रही असहनीय बदबू ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया। शक गहराने पर जब घर के पिछवाड़े बने सेप्टिक टैंक का ढक्कन हटाया गया, तो मंजर देख हर किसी की रूह कांप गई। टैंक के भीतर एक महिला की लाश तैर रही थी, जो पूरी तरह डिकंपोज (सड़) चुकी थी। कपड़ों और हुलिए से उसकी पहचान घर की बहू कामिनी निषाद के रूप में हुई।
जुलाई में शादी, सितंबर में गायब, दिसंबर में लाश : इस हत्याकांड की टाइमलाइन रोंगटे खड़े करने वाली है:
- जुलाई 2025 : कामिनी और भोजराज ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह (लव मैरिज) किया।
- नाराजगी : शादी के बाद से ही लड़के का पिता और कामिनी का ससुर, जहर पटेल, इस रिश्ते से खुश नहीं था। घर में कलह का माहौल था।
- सितंबर 2025 : शादी के महज दो महीने बाद कामिनी संदिग्ध परिस्थितियों में घर से गायब हो गई।
- 7 नवंबर 2025 : अजीब बात यह है कि पति भोजराज ने पत्नी के गायब होने के करीब डेढ़-दो महीने बाद पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। सवाल यह उठता है कि आखिर इतने दिन तक चुप्पी क्यों साधी गई?
ग्रामीणों का सीधा आरोप: ‘ससुर ने ही मारा है’ – मौके पर जमा ग्रामीणों के गुस्से का गुबार फूट पड़ा। दबी जुबान में चल रही चर्चा अब शोर बन चुकी है—ग्रामीणों ने सीधे तौर पर मृतिका के ससुर जहर पटेल पर हत्या का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। बहू को मारकर घर के ही टैंक में डाल दिया गया ताकि किसी को भनक तक न लगे।
पुलिस का एक्शन और अनसुलझे सवाल : एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र सिंह बघेल ने पुष्टि की है कि लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। ससुराल पक्ष के सभी लोगों को हिरासत में ले लिया गया है और कड़ी पूछताछ जारी है।
पुलिस के सामने अब ये बड़े सवाल हैं :
- क्या कामिनी की हत्या उसी दिन कर दी गई थी जिस दिन वह ‘गायब’ हुई थी?
- क्या इस हत्याकांड में पति भोजराज की भी मौन सहमति थी, या वह भी अनजान था?
- घर के आंगन में लाश सड़ रही थी, क्या परिवार को बदबू का अहसास 4 महीने तक नहीं हुआ?
यह घटना एक बार फिर समाज में जाति और झूठी शान के नाम पर होने वाली हिंसा का घिनौना चेहरा दिखाती है। कामिनी को इंसाफ तब मिलेगा जब पीएम रिपोर्ट के बाद कातिलों के चेहरे बेनकाब होंगे और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। फिलहाल, बांधाटोला गांव में मातम और गुस्से का माहौल है।




