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अवैध ईंट भट्ठे में टूट पड़ी पानी टंकी, दो महिलाओं की दर्दनाक मौत, मासूम घायल; खनिज विभाग जिम्मेदार

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद/डौंडी। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडी थाना क्षेत्र में एक अवैध ईंट भट्ठे पर पानी टंकी की दीवार ढहने से दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक नाबालिग बच्ची गंभीर रूप से जख्मी हो गई। दिनांक 10 दिसंबर को यह हादसा ग्राम चिखली डेम के पास घटा, जहां परिवार ईंट निर्माण में लगे थे। स्थानीय प्रशासन ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराया है, लेकिन भट्ठे की अवैधता और खनिज विभाग की लचर कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर खनिज अधिकारी मीनाक्षी साहू और निरीक्षक शशांक सोनी पर अवैध माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप।

अरे ये तो अवैध ईट भट्टे है। ये कब हुआ?  – शशांक सोनी

घटना बुधवार को दोपहर के समय घटी, जब बलौदाबाजार की रहने वाली दो महिलाएं और उनके साथ बच्ची ईंट भट्ठे के समीप पानी टंकी के पास नहाने बैठी थीं कि अचानक टंकी की कमजोर दीवार भरभराकर गिर पड़ी। मलबे में दबकर 45 वर्षीय चंद्रकला पति नंद कुमार और 29 वर्षीय आशा बारले पति सूरज बारले की तत्काल मौत हो गई। घायल बच्ची को पहले संजीवनी अस्पताल दल्ली राजहरा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई है। डौंडी पुलिस ने हादसे को दुर्घटना मानते हुए जीरो एफआईआर दर्ज की है और आगे जांच शुरू कर दी है।

चलो थोड़ी मेहनत कर लेते है… पेन भी ठीक से चल नहीं रही।

यह भट्ठा पूरी तरह अवैध था, जैसा कि नर्राटोला ग्राम पंचायत के सरपंच हिंसा राम चिराम ने पुष्टि की। उन्होंने बताया कि लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में 10-15 परिवार ईंटें बनाने का काम कर रहे थे, लेकिन पंचायत से कोई अनुमति या एनओसी नहीं ली गई थी। यह अवैध ईट भट्ठा दल्ली राजहरा के राकेश पांडे के नियंत्रण में चल रहा था, जो खनिज संसाधनों का बिना लाइसेंस उपयोग कर रहा था। हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया, क्योंकि अवैध संचालन पर कोई नजर रखने वाला नहीं था। आपको बता दें कि जिला खनिज अधिकारी के संरक्षण में पूरे जिले में अवैध लाल ईट भट्टो का धड़ल्ले से संचालन जारी है। बालोद जिले के डौंडी तहसील अंतर्गत ग्राम अरमुरकसा, ग्राम पद्देटोला, ग्राम गिधाली तथा मलकुंवर चौक में प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है। जिम्मेदार अधिकारी इस रास्ते से रोजाना गुजरते भी है लेकिन उन्हें ये धुंआ उगलते अवैध ईट भट्टे दिखाई ही नहीं देते। शर्मनाक बात तो यह है कि दूसरे प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से आए कुम्हार जाति के यह लोग छत्तीसगढ़ राज्य में एनजीटी के आदेशों को दरकिनार कर खुलेआम अवैध ईट भट्टो का संचालन कर बड़ा व्यापार कर रहे हैं।

हादसे के बाद खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोग विभाग की लचर कार्यशैली पर उंगली उठा रहे हैं। खनिज अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी साहू ने कहा कि अवैध भट्ठे पर अब सख्त कार्यवाही होगी और टीम ने स्थल का मुआयना कर ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने जिले भर में अवैध खनन पर लगातार निगरानी का दावा किया। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि जिला खनिज अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी साहू और उनके अधीन खनिज निरीक्षक शशांक सोनी की उदासीनता से ही ऐसे अवैध ईट भट्ठे पनपते हैं। जिले में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि शशांक सोनी पिछले कई वर्षों से बालोद में “अंगद की पांव” की तरह जमे हुए हैं और कथित तौर पर अवैध खनिज माफियाओं को खुला संरक्षण देते रहे हैं, जिससे रिश्वत के लिफाफे उनके टेबल तक पहुंचते हैं। जिसके चलते निरीक्षण की बजाय, खनिज विभाग अवैध गतिविधियों को अनदेखा करता रहा, जिसका नतीजा यह दुखद हादसा है।

कई संगठनों ने मांग की है कि जिला खनिज अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी साहू और खनिज निरीक्षक शशांक सोनी की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच हो, ताकि भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो सके। वही इस घटना की जांच पड़ताल करने जिला श्रम विभाग की टीम भी पहुंची। अब देखना होगा कि कौन कौन सा विभाग किस तरह की कार्यवाही करता है। हाल ही में हुई शिकायत के बाद जिला जिला खनिज अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी साहू का तबादला कर दिया गया है।

इस घटना की जांच करने राजहरा सीएसपी डॉ. चित्रा वर्मा तथा डौंडी थाना प्रभारी उमा ठाकुर पहुंचे तथा ग्रामीणों से इस संबंध में पूछताछ की। यह घटना जिले में अवैध खनन और अवैध ईट भट्ठों की समस्या को उजागर करती है। इससे यह साबित होता है कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र डौंडी में दूसरे प्रदेश से आए एक अवैध कारोबारी द्वारा शासन के कई विभागों को चुना लगाया जा रहा है। जिनमें खनिज विभाग, राजस्व विभाग, बिजली विभाग, कृषि विभाग, श्रम विभाग, वन विभाग आदि प्रमुख हैं। इससे साबित होता है कि रिश्वतखोरों का अवैध कारोबारियों से कितना गहरा रिश्ता है? निर्माण कार्यों की बढ़ती मांग के बीच विभाग की निष्क्रियता से न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा, बल्कि जान-माल को खतरा भी बढ़ रहा है। पुलिस और प्रशासन अब मामले की गहन जांच में जुटे हैं, लेकिन ग्रामीण उम्मीद कर रहे हैं कि यह हादसा अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने का टर्निंग पॉइंट बने।

Feroz Ahmed Khan

संभाग प्रभारी : दुर्ग

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