रायगढ़ RPF पोस्ट में ‘खाकी’ पर लगा खून का दाग : तड़के 4 बजे 4 गोलियां और खत्म हुई जिंदगी…स्टेशन पर RPF जवान ने बैचमेट के सिर में मारी गोली!…

रायगढ़। रेलवे स्टेशन पर आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब RPF (रेलवे सुरक्षा बल) पोस्ट के भीतर ही गोलियों की गूंज सुनाई दी। ड्यूटी पर तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल ने अपने ही साथी और बैचमेट को सर्विस रिवॉल्वर से गोलियों से भून दिया। इस खूनी खेल में हेड कॉन्स्टेबल पी.के. मिश्रा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटनाक्रम : उस काली सुबह क्या हुआ? – जानकारी के मुताबिक, दोनों जवानों की नाइट ड्यूटी आरपीएफ पोस्ट पर लगी थी। सब कुछ सामान्य था, लेकिन तड़के करीब 4 बजे दोनों के बीच अचानक किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई।
- विवाद : बहस इतनी बढ़ी कि हेड कॉन्स्टेबल एस. लादेर (आरोपी) अपना आपा खो बैठा।
- फायरिंग : उसने अपनी 9mm सर्विस पिस्टल निकाली और सामने खड़े साथी पी.के. मिश्रा पर तान दी।
- मौत का तांडव : लादेर ने एक के बाद एक 4 राउंड फायर किए। गोलियां सीधे पी.के. मिश्रा के सिर और सीने के पास लगीं। अत्यधिक खून बहने और वाइटल ऑर्गन्स (महत्वपूर्ण अंगों) पर चोट लगने से मिश्रा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
आरोपी और मृतक : दोनों थे पुराने साथी – यह घटना और भी ज्यादा चौंकाने वाली इसलिए है क्योंकि दोनों न सिर्फ एक ही विभाग में थे, बल्कि बैचमेट (Batchmates) भी थे। दोनों ने साथ ट्रेनिंग ली थी और लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे।

- मृतक : हेड कॉन्स्टेबल पी.के. मिश्रा। वे मध्य प्रदेश के रीवा जिले के मूल निवासी थे और रायगढ़ में पदस्थ थे।
- आरोपी : हेड कॉन्स्टेबल एस. लादेर। यह छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला है।
घटना के बाद का मंजर : पोस्ट सील, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल : गोलीबारी की आवाज सुनते ही स्टेशन परिसर में मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मी और स्टाफ पोस्ट की तरफ दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

- घटनास्थल पर खून बिखरा पड़ा था और पी.के. मिश्रा का शव जमीन पर था।
- आरोपी एस. लादेर को साथी जवानों ने तत्काल हिरासत (Detain) में ले लिया।
- खबर मिलते ही मृतक की पत्नी भी पोस्ट पर पहुंच गईं। पति का शव देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल है, जिससे वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई : मामले की गंभीरता को देखते हुए RPF पोस्ट को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। मीडिया या किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की इजाजत नहीं है।
- बिलासपुर से वरिष्ठ अधिकारी और IG (इंस्पेक्टर जनरल) मौके के लिए रवाना हो चुके हैं।
- फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया जा सकता है ताकि गोली चलाने की दिशा और दूरी (Ballistics) की जांच की जा सके।
बड़ा सवाल : आखिर क्यों चली गोली? – अभी तक विवाद की असली वजह सामने नहीं आई है। पुलिस अब आरोपी एस. लादेर से कड़ी पूछताछ करेगी कि आखिर ऐसी क्या बात थी जिसने दो दोस्तों को एक-दूसरे की जान का दुश्मन बना दिया? क्या यह तात्कालिक गुस्सा था या कोई पुरानी रंजिश?
रायगढ़ स्टेशन, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए जाना जाता है, आज अपने ही रक्षक के खून से लाल हो गया है। यह घटना सुरक्षा बलों में बढ़ते मानसिक तनाव (Mental Stress) और फ्रैट्रिसाइड (Fratricide – साथी की हत्या) की गंभीर समस्या की ओर भी इशारा करती है।
(आगे की अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें…)




