रायपुर में स्टील फैक्ट्री हादसा : 6 मजदूरों की मौत, कई घायल – सवालों के घेरे में प्रबंधन…

रायपुर। राजधानी से लगे सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार को हुए भीषण हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। निजी स्टील फैक्ट्री में मेंटेनेंस के दौरान अचानक लोहे की जलती सामग्री नीचे गिरने से 6 मजदूरों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 6 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को देवेंद्र नगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें 2 की हालत नाजुक बनी हुई है। यह हादसा धरसींवा थाना क्षेत्र का है।
हादसा इतना अचानक कि बचने का मौका ही नहीं : धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के मुताबिक मेंटेनेंस का काम चल रहा था। उसी दौरान भट्टी से निकली गर्म धातु अचानक नीचे गिरी और मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटनास्थल पर डिप्टी लेवल कर्मचारी, फोरमेन और सफाईकर्मी भी मौजूद थे। हादसे की जांच अभी जारी है।
मृतकों में अलग-अलग राज्यों के मजदूर : प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक और घायल मजदूर छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से आए थे। स्थानीय प्रशासन मृतकों की पहचान और उनके पद व जिम्मेदारियों की जानकारी जुटा रहा है।
फैक्ट्री घेरने पहुंचे परिजन और ग्रामीण : हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और मृतकों के परिजन बड़ी संख्या में फैक्ट्री के बाहर जुट गए। उन्होंने प्लांट को घेरकर प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। अंदर पुलिस अफसर, एसडीएम और थाना प्रभारी मौजूद रहे, लेकिन गुस्से में भीड़ लगातार प्रबंधन से जवाब मांगती रही।
सरकार की प्रतिक्रिया : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, विधायक अनुज शर्मा ने पांच घायलों से मुलाकात की और कहा कि “कुछ को गंभीर चोटें हैं, लेकिन फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं।”
हादसे पर उठते सवाल :
- फैक्ट्री अभी निर्माणाधीन बताई जा रही है, ऐसे में क्या सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था?
- मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं?
- प्रबंधन ने आपातकालीन प्रोटोकॉल का पालन किया या नहीं?
जांच से जुड़े तथ्य उजागर होने बाकी : हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रबंधन से विस्तृत जानकारी मांगी गई है कि मृतक मजदूर किस पद पर थे और उस समय वे किन परिस्थितियों में काम कर रहे थे। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर पर हुई।
यह रिपोर्ट केवल घटना का ब्यौरा नहीं देती, बल्कि प्रबंधन और प्रशासन से जवाबदेही तय करने वाले सवाल खड़े करती है।




