बालोद में रफ्तार का तांडव : डौंडी में काल बनकर दौड़ा ट्रक, खड़ी बस को मारी जोरदार टक्कर; मची चीख-पुकार…

बालोद। जिले के डौंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लिमहाटोला में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी सवारी बस को पीछे से जबरदस्त टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भीषण था कि टक्कर की गूंज दूर तक सुनाई दी और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दुर्घटना में बस में सवार कई यात्री चोटिल हुए हैं, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे का मंजर : खिलौने की तरह पिचक गई बाइकें – मिली जानकारी के अनुसार, दादा ट्रेवल्स की बस (क्रमांक उपलब्ध नहीं) लगभग 40 से अधिक यात्रियों को लेकर भानुप्रतापपुर से दल्लीराजहरा की ओर जा रही थी। ग्राम लिमहाटोला के पास बस चालक ने यात्रियों को उतारने के लिए वाहन को सड़क किनारे खड़ा किया था। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए खड़ी बस को पीछे से ठोक दिया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस आगे की ओर जा घुसी, जिससे बस के सामने खड़ी दो मोटरसाइकिलें उसकी चपेट में आकर लोहे के मलबे में तब्दील हो गईं। गनीमत रही कि बाइक सवार गाड़ी खड़ी कर पास ही चिकन दुकान पर गए हुए थे, वरना एक बड़ी जनहानि निश्चित थी।

चीख-पुकार के बीच देवदूत बनी पुलिस : टक्कर होते ही बस के भीतर बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। झटके के कारण यात्री सीटों से टकरा गए। हादसे में:
- 3 महिलाएं और 1 पुरुष गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
- सूचना मिलते ही यातायात पुलिस और डौंडी थाना प्रभारी की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
- एम्बुलेंस का इंतजार किए बिना, पुलिस कर्मियों ने मानवता का परिचय देते हुए घायलों को अपने शासकीय वाहन से तत्काल अस्पताल रवाना किया।
ग्रामीणों का आक्रोश और चालक की फरारी – इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। हादसे के तुरंत बाद आरोपी ट्रक चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश के लिए नाकेबंदी कर दी गई है।
बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन? – यह हादसा एक बार फिर सड़कों पर दौड़ते “यमदूत” बने भारी वाहनों की रफ्तार पर सवालिया निशान खड़ा करता है। यदि बाइक सवार वहां मौजूद होते, तो आज लिमहाटोला से लाशें उठतीं। प्रशासन को अब इन व्यस्त मार्गों पर गति सीमा निर्धारित करने और सख्ती बरतने की सख्त जरूरत है।




