घरघोड़ा : कारीछापर रेलवे साइडिंग बना ‘कोयला माफियाओं’ का गढ़, अरबों की लूट पर प्रशासन खामोश!…

रायगढ़। जिले के घरघोड़ा ब्लॉक स्थित कारीछापर रेलवे साइडिंग से हो रही कोयला चोरी और मिलावट घोटाले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। युवा कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को कलेक्टर रायगढ़ को ज्ञापन सौंपकर इस पूरे गोरखधंधे का पर्दाफाश किया। कांग्रेस नेता उस्मान बेग के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि साइडिंग में संगठित तरीके से उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को गायब कर बेचा जा रहा है और उसकी जगह डस्ट व अन्य खराब सामग्री प्लांटों तक पहुंचाई जा रही है।
अरबों का खेल, सबकी मिलीभगत : ज्ञापन में कहा गया है कि एनटीपीसी तिलाईपाली सहित अन्य स्थानों से आने वाले कोयले को कारीछापर साइडिंग में जानबूझकर बेक फिल्टर डस्ट और घटिया सामग्री के साथ मिलाकर प्लांटों को भेजा जा रहा है। वहीं, असली और अच्छे दर्जे का कोयला यहां से निजी सौदों के जरिए प्रदेशभर के अन्य प्लांटों में सप्लाई किया जाता है।

नेताओं का आरोप है कि इस खेल से प्रतिदिन अरबों रुपये की अवैध कमाई हो रही है। रेलवे, प्रशासन, एनटीपीसी और स्थानीय तंत्र सब कुछ जानते हुए भी चुप हैं, क्योंकि सभी को मोटी रकम का हिस्सा मिलता है।
पेनाल्टी महज़ दिखावा : युवा कांग्रेस नेताओं ने बताया कि जब घटिया कोयला प्लांटों तक पहुंचता है तो सप्लायर पर पेनाल्टी जरूर लगाई जाती है, लेकिन यह रकम चोरी हो रहे कोयले की कीमत के एक प्रतिशत से भी कम है। यानी पेनाल्टी एक छलावा मात्र है और माफिया बेखौफ चोरी जारी रखे हुए हैं।
प्रशासन की चुप्पी ही सबसे बड़ा सबूत : ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद न तो रेलवे ने ठोस जवाब दिया, न एनटीपीसी ने जिम्मेदारी ली और न ही जिला प्रशासन ने कोई कदम उठाया। नेताओं का कहना है कि यदि लगातार निगरानी, मौके पर जांच और कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की जाए, तो पूरा नेटवर्क बेनकाब होकर अपराधी कानून के शिकंजे में होंगे।
उस्मान बेग की चेतावनी – “धरना-आंदोलन होगा” : युवा कांग्रेस नेता उस्मान बेग ने प्रशासन को दस दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा – “कारीछापर साइडिंग से रोजाना बड़े पैमाने पर कोयले की लूट हो रही है। प्रशासन, पुलिस, रेलवे और एनटीपीसी सब जानते हैं, लेकिन सबकी चुप्पी इस बात का सबूत है कि यह धंधा उनकी शह पर चल रहा है। यह सिर्फ चोरी नहीं बल्कि प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है।”
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस कार्यकर्ता कारीछापर साइडिंग के बाहर धरना-आंदोलन करेंगे। इसके बाद आंदोलन को तहसील, जिला और प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
“जनता के संसाधनों की लूट अब बर्दाश्त नहीं होगी। सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
प्रदेश का सबसे बड़ा कोयला घोटाला? – करीब हर दिन रात के अंधेरे में घटिया डस्ट को असली कोयले की जगह डालना, उसे तुरंत डोज़र से मिक्स करना और फिर सप्लाई कर देना—यह सब स्थानीय स्तर पर किसी बड़ी शह के बिना संभव नहीं है। नेताओं का दावा है कि यह प्रदेश का सबसे बड़ा कोयला घोटाला है, जो अब खुलकर सामने आ चुका है।




