रायपुर

छत्तीसगढ़ में ‘पेपरलेस’ कामकाज की ओर बड़ा कदम : 1 जनवरी 2026 से सभी सरकारी दफ्तरों में सिर्फ ‘ई-ऑफिस’ से होगा काम…

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और गति लाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी ताज़ा आदेश के अनुसार, नए साल यानी 1 जनवरी 2026 से प्रदेश के सभी प्रमुख सरकारी कार्यालय पूरी तरह से ‘ई-ऑफिस’ (e-Office) प्रणाली पर शिफ्ट हो जाएंगे। अब सरकारी दफ्तरों में फाइलों का अंबार और बाबूगिरी का चक्कर खत्म होगा।

क्या है नया आदेश? – सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के सचिव अविनाश चम्पावत द्वारा जारी आदेश (दिनांक 12/12/2025) में स्पष्ट किया गया है कि सुशासन की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य कामकाज को अधिक प्रभावी, सरल, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है।

आदेश की 5 बड़ी बातें जो आपको जाननी चाहिए :

  • फिजिकल फाइलें होंगी बंद: 1 जनवरी 2026 से समस्त विभागाध्यक्ष, संभाग आयुक्त और कलेक्टर कार्यालयों में सारा काम सिर्फ ‘ई-ऑफिस’ के माध्यम से होगा। बिना विभाग प्रमुख की अनुमति के कोई भी ‘फिजिकल फाइल’ (कागजी फाइल) नहीं चलाई जाएगी।
  • सरकार से पत्राचार डिजिटल होगा: जिन मामलों में शासन स्तर पर अनुमति या अनुमोदन की जरूरत होगी, उन्हें ई-ऑफिस की ‘डिजिटल फाइल’ के जरिए ही भेजा जाएगा। साधारण सूचनाएं भी ई-ऑफिस की रसीद (Receipt) के माध्यम से भेजी जाएंगी।
  • दौरे पर भी काम नहीं रुकेगा: अधिकारी अगर शासकीय प्रवास (Tour) पर मुख्यालय से बाहर हैं, तो भी वे ई-ऑफिस के जरिए अपना काम कहीं से भी निपटा सकेंगे। इससे फाइलों के अटकने की समस्या खत्म होगी।
  • छुट्टी के दिन भी काम संभव: सार्वजनिक अवकाश (Public Holidays) के दौरान भी अगर कोई जरूरी काम है, तो शासकीय सेवक घर बैठे ई-ऑफिस के जरिए उसे पूरा कर सकेंगे।
  • प्रिंट और स्कैन का झंझट खत्म: आदेश में साफ कहा गया है कि दस्तावेजों को ‘डिजिटली जेनरेट’ (Digitally Generate) किया जाए। प्रिंट निकालकर उसे दोबारा स्कैन करके अपलोड करने की प्रथा को हतोत्साहित (Discourage) किया जाएगा।

आम जनता को क्या होगा फायदा? – इस फैसले का सीधा असर आम जनता के कामों पर पड़ेगा :

  • काम में तेजी: अब फाइलें एक टेबल से दूसरे टेबल तक जाने में हफ्तों नहीं लगाएंगी, बल्कि एक क्लिक पर पहुंचेंगी।
  • पारदर्शिता (Transparency): ई-ऑफिस सिस्टम में यह ट्रैक किया जा सकेगा कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास कितने दिन से लंबित है।
  • भ्रष्टाचार पर लगाम: फाइलों को दबाने या गायब करने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में एक बड़ी छलांग है। 2026 की शुरुआत के साथ ही सरकारी दफ्तरों की तस्वीर बदलने वाली है, जिससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसा भी बढ़ेगा।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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