विशेष रिपोर्ट : बिलासपुर के ‘कोल माफिया’ पर GST की सर्जिकल स्ट्राइक, ‘काले हीरे’ की चमक के पीछे अरबों की टैक्स चोरी का सिंडिकेट बेनकाब…

• अंकिता लोखंडे के ससुराल से लेकर बिलासपुर के रसूखदारों तक हड़कंप ; खौफ ऐसा कि 48 घंटे में उगल दिए 27.50 करोड़ रुपये…
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी और कोयला नगरी बिलासपुर में पिछले 72 घंटों से हड़कंप मचा हुआ है। ‘ब्लैक डायमंड’ (कोयले) के कारोबार की आड़ में चल रहे ‘ब्लैक मनी’ के खेल पर स्टेट जीएसटी (State GST) ने अब तक का सबसे भीषण प्रहार किया है। सोमवार (15 दिसंबर) को जब स्टेट जीएसटी की टीम ने हिंद कोल ग्रुप (Hind Coal Group) के ठिकानों को घेरा, तो यह साफ हो गया कि प्रशासन अब सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जड़ से सफाया करने के मूड में है।
यह कार्रवाई सिर्फ टैक्स चोरी पकड़ने के लिए नहीं, बल्कि उस संगठित सिंडिकेट (Organized Syndicate) को तोड़ने के लिए है, जिसने बिलासपुर को टैक्स चोरी का गढ़ बना दिया था।
सोमवार का वो मंजर : हिंद कोल ग्रुप के ‘साम्राज्य’ की तलाशी – सोमवार सुबह होते ही स्टेट जीएसटी सेक्रेटरी मुकेश बंसल के निर्देश पर अधिकारियों की एक विशेष टीम ने बिलासपुर में डेरा डाल दिया। निशाना था- हिंद कोल ग्रुप।
- रेड का दायरा : टीम ने एक साथ कंपनी के गतौरा, हिंडाडीह और बलौदा स्थित कोल वाशरी और कॉर्पोरेट ऑफिस को अपने कब्जे में ले लिया।
- माहौल : सुबह से लेकर देर रात तक अफसरों ने कंपनी के गेट बंद कर दिए। न कोई अंदर जा सकता था, न बाहर।
- क्या मिला : सूत्रों के मुताबिक, अफसरों के हाथ वो ‘कच्ची पर्चियां’ और डिजिटल सबूत लगे हैं, जो बताते हैं कि कंपनी किताबों में कुछ और, और हकीकत में कुछ और ही खेल खेल रही थी। कोयले की खरीद-फरोख्त (Trading) और वास्तविक मुनाफे के बीच का अंतर इतना बड़ा है कि अधिकारी भी हैरान हैं।
‘मिक्सिंग’ का मास्टरप्लान : कैसे लग रहा था सरकार को चूना? – जांच में जो सबसे बड़ा खुलासा हुआ है, वह है ‘कोल मिक्सिंग’ (Coal Mixing) का गोरखधंधा। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आर्थिक अपराध है।
- खेल क्या है : अच्छी गुणवत्ता (High Grade) वाले कोयले में भारी मात्रा में राख (Ash) और पत्थर मिलाकर (Reject Coal) उसकी मात्रा बढ़ाई जाती थी।
- डबल मुनाफा, जीरो टैक्स : मिलावटी कोयले को अच्छे दाम पर बेचा जाता, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे ‘रिजेक्ट’ या लो-ग्रेड बताकर टैक्स बचाया जाता।
- बोगस बिलिंग : जांच में यह भी शक गहराया है कि बिना माल भेजे सिर्फ बिल काटे गए (Fake Invoicing) या बिना बिल के माल खपाया गया, जिससे करोड़ों का GST डकार लिया गया।
बॉलीवुड कनेक्शन : अंकिता लोखंडे और विक्की जैन का परिवार रडार पर – इस पूरी कार्रवाई ने तब राष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं, जब जांच की आंच बॉलीवुड तक जा पहुंची। हिंद कोल ग्रुप से ठीक दो दिन पहले रायपुर की टीम ने जिन तीन बड़ी फर्मों पर छापा मारा था, उनमें ‘महावीर कोल वाशरी’ शामिल थी।
- बड़ा खुलासा : यह फर्म मशहूर अभिनेत्री अंकिता लोखंडे (Ankita Lokhande) और उनके पति विक्की जैन (Vicky Jain) के परिवार से संबंधित है।
- सेलिब्रिटी की आड़ : जांच एजेंसियों का मानना है कि रसूख और ग्लैमर की आड़ में टैक्स चोरी का यह नेटवर्क फल-फूल रहा था। जैसे ही जीएसटी ने दस्तावेज जब्त किए, इस फर्म ने तुरंत गलती मानी और 10 करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए। यह सरेंडर राशि अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली थी।
खौफ का असर: तीन दिन में सरकारी खजाने में आए 27.50 करोड़ : जीएसटी की इस कार्रवाई का असर यह हुआ कि बड़े-बड़े धनकुबेर कारोबारी कार्रवाई के डर से ‘सरेंडर मोड’ में आ गए। महज 2-3 दिनों के भीतर तीन कंपनियों ने अपनी चोरी कबूलते हुए भारी-भरकम रकम जमा कराई है :
- फील कोल (Feel Coal Group) : सर्वाधिक 11 करोड़ रुपये सरेंडर किए।
- महावीर कोल वाशरी (Vicky Jain Family) : 10 करोड़ रुपये जमा कराए।
- पारस कोल एंड बेनेफिशिएशन : 6.50 करोड़ रुपये सरेंडर किए।
कुल वसूली : 27 करोड़ 50 लाख रुपये। (हिंद कोल ग्रुप से भी बड़ी वसूली की उम्मीद है)।
डेटा एनालिटिक्स से खुली पोल : ‘बगुलों’ पर ‘बाज’ की नजर – यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई। स्टेट जीएसटी की टीम पिछले 6 महीनों से इन कारोबारियों की डिजिटल कुंडली तैयार कर रही थी।
- ई-वे बिल (E-way Bill) के डेटा और वास्तविक गाड़ियों की आवाजाही का मिलान किया गया।
- कारोबारियों के टर्नओवर और चुकाए गए टैक्स के अनुपात (Ratio) में भारी गड़बड़ी पाई गई।
- जब पुख्ता सबूत मिल गए, तब जाकर यह ‘स्ट्राइक’ की गई।
अब किसका नंबर? – बिलासपुर के कोयला कारोबारियों में अब यह चर्चा आम है कि “अगला नंबर किसका?” स्टेट जीएसटी ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई अभी थमने वाली नहीं है। दस्तावेजों की स्क्रूटनी (Scrutiny) चल रही है और आने वाले दिनों में पेनाल्टी और ब्याज मिलाकर यह आंकड़ा 50 करोड़ के पार जा सकता है।
साफ संदेश : अब रसूख, राजनीति या बॉलीवुड का कनेक्शन काम नहीं आएगा। अगर टैक्स की चोरी की है, तो हिसाब तो देना ही होगा।




