दुर्ग पुलिस में बड़ी सर्जरी : हाईकोर्ट की फटकार के बाद ‘सिंघम’ स्टाइल दिखाने वाले SI संधु लाइन हाजिर…

दुर्ग। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी और सख्त निर्देशों के बाद आखिरकार दुर्ग पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई हुई है। स्मृति नगर चौकी के चर्चित प्रभारी उप निरीक्षक (SI) गुरविंदर सिंह संधु को एसएसपी विजय अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से हटाकर रक्षित केंद्र (लाइन) भेज दिया है। कानून को ताक पर रखकर ‘मनमानी’ करने वाले अफसरों के खिलाफ इसे एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
हाईकोर्ट का डंडा और फिर गिरी गाज – यह कार्रवाई महज एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि न्यायपालिका के हस्तक्षेप का सीधा असर है। हाल ही में हाईकोर्ट ने SI संधु के आचरण की जांच डीजीपी से कराने के निर्देश दिए थे। संधु पर दो बड़े मामलों में पद के दुरुपयोग और मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं:
- जुलूस निकालने पर लगी फटकार : व्यवसायी सुजीत साव मामले में कोर्ट ने पाया कि एसआई ने न केवल आरोपी से मारपीट की, बल्कि कानून के विरुद्ध हथकड़ी लगाकर सड़क पर जुलूस भी निकाला।
- मां के सामने पिटाई और 1 लाख का हर्जाना : एक होटल कारोबारी के साथ हुई बर्बरता पर चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह राशि दोषी अफसरों की जेब से वसूली जाए।
नया फेरबदल : किसे मिली कहां की कमान? – एसएसपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, स्मृति नगर चौकी की जिम्मेदारी अब राजेश कुमार साहू को सौंपी गई है, जो पहले भिलाई भट्टी थाना प्रभारी थे। वहीं, यातायात शाखा से प्रकाश कांत को भिलाई भट्टी का नया थाना प्रभारी बनाया गया है।
बड़ा सवाल : क्या पुलिस बल केवल ‘लाइन अटैच’ तक सीमित रहेगा या हाईकोर्ट के निर्देशानुसार संधु पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर उदाहरण पेश किया जाएगा?




