बिलासपुर संभाग

शिल्ली धान मंडी में भारी अनियमितता मंडी प्रभारी की लापरवाही से किसान बेहाल

जिला जांजगीर-चांपा के पामगढ़ शाखा अंतर्गत शिल्ली धान मंडी इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में है। किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार मंडी प्रभारी की घोर लापरवाही के चलते मंडी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सरकार द्वारा किसानों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए बनाए गए नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।


मंडी परिसर में किसानों के लिए किसी भी प्रकार की बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है। न तो मंडी में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिससे तौल और खरीदी प्रक्रिया की निगरानी हो सके और न ही किसानों के बैठने के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था है। भीषण धूप और ठंड के मौसम में घंटों अपनी उपज लेकर बैठे किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा शौचालय पीने के पानी और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी घोर अभाव है जो मंडी प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


सबसे बड़ा और गंभीर आरोप तौल प्रक्रिया को लेकर सामने आया है। किसानों का कहना है कि जहां शासन के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार 40/700 की तौल की जानी चाहिए, वहीं शिल्ली धान मंडी में मंडी प्रभारी द्वारा 41/700 की तौल कराई जा रही है। इस अतिरिक्त तौल से सीधे-सीधे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और उनकी मेहनत की कमाई पर डाका डाला जा रहा है। किसानों का आरोप है कि शिकायत करने पर उनकी बातों को अनसुना कर दिया जाता है और डराने-धमकाने का भी प्रयास किया जाता है।


किसानों ने यह भी बताया कि मंडी में समय पर अधिकारी उपस्थित नहीं रहते जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है। खरीदी केंद्र पर कर्मचारियों की मनमानी के कारण किसानों को घंटों नहीं बल्कि कई बार पूरे दिन इंतजार करना पड़ता है। इसके चलते किसानों को मानसिक शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है।

इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि शिल्ली धान मंडी में व्याप्त अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही दोषी मंडी प्रभारी और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा शासन के नियमों के अनुसार तौल प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब तक संज्ञान लेता है और किसानों को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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