घरघोड़ा : थाली में सब्जी नहीं परोस सकी पत्नी, तो पति ने डंडे से पीट-पीटकर ले ली जान; कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद…

रायगढ़। मामूली सी घरेलू बात पर उजड़ा एक परिवार, और सनक की इंतहा ऐसी कि सिर्फ “सब्जी न बनाने” पर पति ने अपनी ही पत्नी को डंडों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। रायगढ़ जिले के इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा की अदालत ने आरोपी अभिलाल एक्का को अपनी पत्नी क्षमा एक्का की नृशंस हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 1 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
रात को नहीं बनी थी सब्जी, सुबह आंगन में मिली लाश – वारदात रैरूमाखुर्द चौकी क्षेत्र के ग्राम बोंकीटोला (पतरापारा) की है। 27 मई 2021 की सुबह आरोपी अभिलाल अपने चचेरे भाई महेश के पास पहुंचा और बोला— “मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है, क्षमा की मौत हो गई।” जब परिजन भागते हुए घर पहुंचे, तो क्षमा का रक्तरंजित शव जमीन पर पड़ा था।
सिर और माथे पर ताबड़तोड़ वार -पूछताछ में यह खौफनाक सच सामने आया कि रात को पति ने पत्नी से सब्जी बनाने को कहा था। पत्नी के इनकार करते ही आरोपी का पारा चढ़ गया। उसने आव देखा न ताव, पास रखे बांस के मजबूत डंडे से पत्नी के सिर और माथे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
साक्ष्यों के आधार पर मुकम्मल इंसाफ – तत्कालीन चौकी प्रभारी जेम्स कुजूर की टीम ने आरोपी को तत्काल दबोचकर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद किया। ठोस गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने IPC की धारा 302 के तहत चालान पेश किया। अदालत में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।
वारिसों को 1 लाख की क्षतिपूर्ति – दोषी को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के साथ ही अदालत ने मानवीय पहलू पर ध्यान देते हुए मृतका के विधिक वारिसों व आश्रितों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए 1 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि देने की भी अनुशंसा की है।




