जशपुर

जशपुर के नए कप्तान के सख्त तेवर : एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने ली पहली क्राइम मीटिंग, अपराधियों में हड़कंप…

जशपुर | जिले के नव-पदस्थ डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने आज पदभार संभालते ही जिले की कानून व्यवस्था को लेकर अपने कड़े तेवर साफ कर दिए हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद आयोजित पहली अपराध समीक्षा बैठक में एसएसपी ने दो-टूक कहा कि थानों से कोई भी फरियादी निराश होकर नहीं लौटना चाहिए। उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और नशे के अवैध कारोबार पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसे कड़े प्रहार के निर्देश दिए हैं।

इन 5 बड़े फैसलों से बदलेगी जशपुर की तस्वीर :

  • रायपुर की तर्ज पर ‘पुलिस मितान’ : जशपुर के गांव-गांव में अब ‘पुलिस मितान’ बनाए जाएंगे। यह पहल पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करेगी और सूचना तंत्र (मुखबिर) को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगी।
  • तस्करों पर कड़ा पहरा : गौ-तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अंतरराज्यीय बॉर्डर पर ‘किलेबंदी’ (नाकाबंदी) की जाएगी। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि सूचना मिलते ही तत्काल बेरियर लगाकर कार्रवाई सुनिश्चित हो।
  • सड़क के ‘शोहदों’ की अब खैर नहीं : ओवरस्पीडिंग, नशे में वाहन चलाने और तीन सवारी (Tripple Riding) घुमने वालों के विरुद्ध अब ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान चलेगा। एक्सीडेंट कम करना और घायलों को तुरंत उपचार दिलाना प्राथमिकता होगी।
  • विजिबल पुलिसिंग पर जोर : केवल दफ्तर में बैठने से काम नहीं चलेगा। थाना प्रभारियों को शाम के वक्त खुद फील्ड में उतरकर पैदल मार्च और पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम जनता में सुरक्षा का भाव जगे।
  • पेंडिंग केस का ‘क्लीन स्वीप’ : सालों से लंबित अपराध, चालान और शिकायतों की फाइलें बंद करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। एसएसपी ने विवेचना (Investigation) की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया ताकि अपराधियों को सजा मिल सके।

फरियादी की संतुष्टि ही पुलिस की सफलता” – बैठक के दौरान डॉ. लाल उमेद सिंह ने संवेदनशील पुलिसिंग का मंत्र देते हुए कहा, “शिकायतकर्ता की सुनवाई थाने में ही ऐसी हो कि उसे वरिष्ठ कार्यालय आने की जरूरत न पड़े।” उन्होंने गुंडा-बदमाशों की थाने में नियमित परेड कराने और उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के सख्त निर्देश दिए।

टीम जशपुर रही मौजूद : इस उच्च स्तरीय बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार पटनवार समेत जिले के सभी एसडीओपी (जशपुर, कुनकुरी, बगीचा), रक्षित निरीक्षक और सभी थाना/चौकी प्रभारी मौजूद रहे। कप्तान के इस ‘एक्शन मोड’ ने साफ कर दिया है कि जशपुर में अब अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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