रायगढ़

रायगढ़ में वर्दी और कुर्सी का ‘खौफनाक’ चेहरा! क्या अब रक्षक ही बन गए हैं भक्षक?…

खाकी पर किडनैपिंग और लूट का आरोप : तमनार थाना प्रभारी और तहसीलदार के खिलाफ FIR की मांग से मचा हड़कंप!

रायगढ़। न्याय के मंदिर और कानून की रक्षक कही जाने वाली पुलिस व प्रशासन के खिलाफ रायगढ़ में एक ऐसा “विस्फोटक” मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले की व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। एक पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को अपराधियों की तरह ‘अगवा’ किया गया, उसकी जेब से पैसे लूटे गए और फिर तानाशाही दिखाते हुए उसे सीधे जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया।

खबर के बड़े और कड़वे सवाल :

  • सरेराह किडनैपिंग : क्या 12 दिसंबर को BSNL ऑफिस के बाहर से दीपक शर्मा को पुलिस ने उठाया था या गुंडों ने? सिविल ड्रेस में आए लोगों ने युवक को जबरन उठा लिया, जिसे पिता ने सीधे तौर पर ‘अपहरण’ करार दिया है।
  • वर्दी के नाम पर लूट : शिकायत के मुताबिक, दीपक की जेब में रखे 27,750 रुपये सादे कपड़ों में मौजूद कर्मियों ने छीन लिए। क्या अब पुलिस अपनी शक्ति का इस्तेमाल जेब भरने के लिए कर रही है?
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ठेंगा : गिरफ्तारी के बाद न वकील मिला, न घरवालों को सूचना। कानून की धज्जियां उड़ाते हुए युवक को एक थाने से दूसरे थाने (चक्रधर नगर, पूंजीपथरा, तमनार) फुटबॉल की तरह घुमाया गया।

तहसीलदार की भूमिका पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ – इस मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह पर लगा है। शिकायतकर्ता राधेश्याम शर्मा का दावा है कि मजिस्ट्रेट ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया। दीपक को उनके सामने पेश तक नहीं किया गया, कोई बयान नहीं लिया गया और रात के अंधेरे (11:00 बजे) में सीधे जेल दाखिल कर दिया गया। यह न्याय की प्रक्रिया है या किसी के पद का अहंकार?

सामाजिक कार्यकर्ता का ऐलान-ए-जंग – ​वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा ने अब झुकने से इनकार कर दिया है। उन्होंने तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम और तहसीलदार ऋचा सिंह के खिलाफ सिटी कोतवाली में मोर्चा खोल दिया है। उनकी मांग स्पष्ट है: अपहरण, लूटपाट और प्रताड़ना के तहत इन अधिकारियों पर तुरंत FIR दर्ज हो।

जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम आदमी कहां जाए? मेरे बेटे के संवैधानिक अधिकारों को पैरों तले रौंदा गया है और मैं अंतिम सांस तक इसके खिलाफ लड़ूंगा।”

राधेश्याम शर्मा, शिकायतकर्ता

प्रशासन मौन, जनता में आक्रोश! -​इस हाई-प्रोफाइल शिकायत ने पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है। क्या विभाग अपने ही अधिकारियों पर कार्रवाई करने की हिम्मत जुटा पाएगा? या फिर रसूख के नीचे इस मामले को दबाने की कोशिश होगी? रायगढ़ की जनता अब जवाब मांग रही है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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