ब्रेकिंग बिलासपुर : मैम कुछ मिला?’ पूछने पर पत्रकार को निर्वस्त्र करने का आरोप: बिल्हा आबकारी टीम की करतूत से हड़कंप, कलेक्टर तक पहुंची शिकायत…

बिलासपुर। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रशासनिक हनक और वर्दी के रौब का शर्मनाक चेहरा सामने आया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अवैध शराब पर कार्रवाई की हकीकत जानना एक स्थानीय पत्रकार को भारी पड़ गया। सवाल पूछने पर पत्रकार के साथ बदसलूकी, मारपीट और सबके सामने निर्वस्त्र करने की सनसनीखेज शिकायत सामने आई है।
गंभीर आरोप बिल्हा आबकारी विभाग की दो स्टार अधिकारी ऐश्वर्या मिंज और उनके अधीनस्थ 4 कर्मचारियों पर लगे हैं। पीड़ित पत्रकार ने मामले की लिखित शिकायत बिलासपुर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और आबकारी आयुक्त से करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

ग्राउंड रिपोर्ट : कार्रवाई का दिखावा या साठगांठ? – शिकायत पत्र के अनुसार, पूरी घटना सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के ग्राम पोंड़ी (स) की है:
- छापेमारी के नाम पर औपचारिकता का आरोप : पीड़ित पत्रकार मनहरण कुर्रे के अनुसार, सुबह करीब 6:30 से 7:00 बजे बिल्हा आबकारी विभाग की टीम अवैध शराब की सूचना पर पोंड़ी गांव पहुंची थी। आरोप है कि संबंधित घर में 20 लीटर से भी अधिक शराब मौजूद थी, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय आबकारी टीम ने घर के भीतर चाय-नाश्ता किया और बाद में फोन पर मिलने की बात कहकर निकलने लगी।
- एक सवाल पर भड़कीं अधिकारी : जब टीम बाहर आकर गाड़ी में बैठने लगी, तो पत्रकार ने सवाल किया— “मैम जी, कुछ मिला?” आरोप है कि इस सामान्य सवाल पर अधिकारी ऐश्वर्या मिंज आगबबूला हो गईं और उन्होंने तैश में आकर कहा— “तुम पूछने वाले कौन होते हो?”
- गाड़ी में ठूंसने और निर्वस्त्र करने की बर्बरता : शिकायत के मुताबिक, इसके बाद अधिकारी ऐश्वर्या मिंज और उनके कर्मचारियों ने कानून हाथ में ले लिया। पत्रकार को जबरन बलपूर्वक गाड़ी में खींचने का प्रयास किया गया, गाली-गलौज की गई और महिला अधिकारी के सामने ही पत्रकार के कपड़े उतरवाकर निर्वस्त्र कर दिया गया।
- सबूत मिटाने के लिए मोबाइल छीना : आरोप है कि घटना के दौरान पत्रकार का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया, ताकि पूरे वाकये का कोई डिजिटल साक्ष्य सामने न आ सके।
पत्रकार सुरक्षा कानून और SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग – पीड़ित पत्रकार मनहरण कुर्रे ने बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय में सौंपे ज्ञापन में इसे पद और सरकारी पावर का खुला दुरुपयोग बताया है। शिकायत पत्र में प्रमुख मांगें उठाई गई हैं:
- आबकारी अधिकारी ऐश्वर्या मिंज समेत घटना में शामिल चारों अधीनस्थ कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए।
- मामले की निष्पक्ष जांच कर पत्रकार सुरक्षा अधिनियम और SC/ST Act के तहत कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएं।
- छीना गया मोबाइल फोन तत्काल वापस दिलाकर सुरक्षित कराया जाए।
प्रशासन से सीधे और तीखे सवाल :
- क्या बिलासपुर में अवैध शराब के खिलाफ आवाज उठाना और सरकारी अधिकारियों से सवाल करना जुर्म बन चुका है?
- क्या किसी अधिकारी को एक आम नागरिक या पत्रकार की गरिमा तार-तार करने और सबके सामने निर्वस्त्र करने का अधिकार कानून देता है?
- यदि आबकारी टीम की कार्रवाई निष्पक्ष थी, तो पत्रकार के एक सीधे सवाल पर वर्दीधारियों को इतना गुस्सा क्यों आया?
- क्या जिला प्रशासन अपने मातहतों की इस कथित दबंगई पर निष्पक्ष जांच कर नजीर पेश करेगा, या रसूख के आगे मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?




