दिन में ‘कलमकार’, रात में ‘जुआरी’ : पत्थलगांव में जुए के फड़ से बेनकाब हुआ ‘पत्रकार’ हरी जायसवाल…

- खबर बनाने वाले खुद बने ‘सुर्खी’: ढाबे के पीछे दांव लगाते रंगे हाथों धराए पत्रकार महोदय, जशपुर पुलिस ने उतारा कानून का पाठ…
जशपुर। दिन के उजाले में समाज को आईना दिखाने और दूसरों की कमियों पर सवाल दागने वाले जब खुद आधी रात को जुए के फड़ पर गड्डी फेंटते पकड़े जाएं, तो इसे पाखंड की पराकाष्ठा ही कहा जाएगा। जशपुर जिले के पत्थलगांव से एक ऐसा ही शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ पत्रकारिता की आड़ में रौब झाड़ने वाले तथाकथित पत्रकार हरी जायसवाल को पुलिस ने जुए के फड़ से रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
कलम की आड़ लेकर खुद को पाक-साफ साबित करने वाले ‘पत्रकार महोदय’ ढाबे के पीछे अंधेरे में ताश के पत्तों पर किस्मत आजमा रहे थे, लेकिन जशपुर पुलिस की चौकसी ने उनके सारे दांव उलटे कर दिए।
ढाबे के पीछे चल रही थी फड़, पुलिस की रेड से मचा हड़कंप –घटना 11 अक्टूबर की दरमियानी रात करीब 12 बजे की है। पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़ापारा स्थित एक ढाबे के पीछे जुआरियों का जमावड़ा लगा हुआ था। ताश की 52 पत्तियों और नोटों के दांव पर जुआरी मदहोश थे। इसी महफिल की शोभा बढ़ा रहे थे पाकरगांव निवासी 36 वर्षीय हरी जायसवाल।
मुखबिर की पुख्ता सूचना मिलते ही पत्थलगांव पुलिस ने बिना वक्त गंवाए इलाके की घेराबंदी की और धावा बोल दिया। पुलिस की अचानक दबिश से मौके पर भगदड़ मच गई, लेकिन घेराबंदी ऐसी थी कि पत्रकार महोदय समेत किसी भी जुआरी को भागने का मौका नहीं मिला। पुलिस ने मौके से कुल 9 जुआरियों को धर दबोचा।
फड़ से 63,470 रुपये नगद व ताश जब्त, जुआ एक्ट में केस दर्ज – कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फड़ से 63 हजार 470 रुपये नगद और ताश की गड्डी जब्त की। पुलिस ने हरी जायसवाल सहित सभी 9 आरोपियों के खिलाफ थाना पत्थलगांव में धारा 3(2) छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
पकड़े गए आरोपियों की सूची :
- हरी जायसवाल (उम्र 36 वर्ष, निवासी पाकरगांव)
- मुकेश यादव (उम्र 45 वर्ष, निवासी मुड़ापारा)
- शरद बेहरा (उम्र 38 वर्ष, निवासी पाकरगांव)
- धनुमणि यादव (उम्र 39 वर्ष, निवासी पाकरगांव)
- मधु सूदन यादव (उम्र 38 वर्ष निवासी करंगाबहाल)
- मो. फुल हसन (उम्र 24 वर्ष, निवासी मुड़ापारा)
- घनश्याम यादव (उम्र 32 वर्ष, निवासी कछार)
- दीपक बेहरा (उम्र 34 वर्ष, निवासी पाकरगांव)
- मनोज अम्बस्त (उम्र 45 वर्ष, निवासी पाकरगांव)
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर बट्टा: दूसरों को नसीहत, खुद फड़ पर दांव! – पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, जिसका दायित्व समाज में चल रहे अवैध कारोबार, जुआ-सट्टे और अपराधों के खिलाफ आवाज उठाना होता है। लेकिन जब कलम पकड़ने वाले हाथ ही आधी रात को जुए की गड्डी फेंटने लगें, तो यह पूरी पत्रकारिता बिरादरी को शर्मसार करता है।
इलाके में दिनभर ‘प्रेस’ का रुतबा दिखाकर कानून और नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले हरी जायसवाल की इस करतूत ने जनता के सामने उनका दोहरा चरित्र उजागर कर दिया है। सवाल यह उठता है कि जो व्यक्ति खुद गैरकानूनी कृत्यों में लिप्त हो, वह समाज को क्या दिशा देगा?
कानून से ऊपर कोई नहीं: पुलिस का कड़ा संदेश – डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन और एसडीओपी डॉ. ध्रुवेश जायसवाल के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र ताम्रकार व उनकी टीम ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी चाहे कोई भी हो और कितना भी बड़ा लबादा ओढ़े हो, कानून के हाथ हर किसी के गिरेबान तक पहुंचेंगे। जुए के खिलाफ जशपुर पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।




