बस्तर

दीयों की लौ से पहले भड़की बस्तर में सियासी आग : जगदलपुर के मिताली चौक पर संग्राम, गृहमंत्री के सामने लहराए जूते-चप्पल!…

विशेष रिपोर्ट – जगदलपुर। बस्तर का ऐतिहासिक शहर जगदलपुर गुरुवार को उस वक्त सन्न रह गया, जब सवा लाख दीयों से जगमगाने की तैयारियों के बीच सियासत का सबसे उग्र और हिंसक चेहरा सामने आ गया। मिताली चौक, जिसे दीपोत्सव के लिए दुल्हन की तरह सजाया जा रहा था, अचानक युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच ऐसी भिड़ंत हुई कि मर्यादाएं तार-तार हो गईं। धक्का-मुक्की, तीखी गाली-गलौज और देखते ही देखते गृहमंत्री के काफिले के इर्द-गिर्द जूते-चप्पल लहराने लगे।

रोजी-रोटी पर प्रशासन का बुलडोजर या सियासी वर्चस्व? – विवाद की चिंगारी प्रशासन के उस फरमान से सुलगी, जिसके तहत दीपोत्सव के भव्य आयोजन, वीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर मिताली चौक से रातों-रात दर्जनों छोटे फूड स्टॉल, ठेले और गुमटियां हटवा दी गईं। त्योहार के सीजन में अपनी रोजी-रोटी छिनते देख स्थानीय व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा।

​कांग्रेस ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लपकते हुए इसे सीधे ‘गरीबों के पेट पर लात’ करार दिया और मौके पर पहुंचकर मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेताओं का तर्क था कि आस्था के आडंबर में उन गरीबों के चूल्हे बुझाए जा रहे हैं, जिनके लिए दीवाली का मतलब सिर्फ चार पैसे कमाना होता है।

डिप्टी सीएम पहुंचे और फट पड़ा बारूद – गुरुवार को जब उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा व्यवस्थाओं का मुआयना करने मिताली चौक पहुंचे, तब तक माहौल पूरी तरह सुलग चुका था। गृहमंत्री के गाड़ी से उतरते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

​शुरुआत में विजय शर्मा ने संवाद साधने की कोशिश की और खुद कार्यकर्ताओं को समझाने आगे बढ़े, लेकिन कुछ ही पलों में यह बातचीत बेकाबू चीख-पुकार में बदल गई। इधर कांग्रेस का विरोध उग्र हुआ, तो उधर भाजपा कार्यकर्ता भी मैदान में कूद पड़े। दोनों तरफ से शुरू हुई नारेबाजी देखते ही देखते हिंसक धक्का-मुक्की में बदल गई।

सड़कों पर उड़ती चप्पलें और बेबस खाकी – हंगामे ने उस वक्त खौफनाक रूप ले लिया जब भीड़ के बीच से जूते-चप्पल फेंके जाने लगे। तस्वीरों और मीडिया फुटेज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथों में खुलेआम चप्पलें लहराती दिखीं। वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल धरे के धरे रह गए और मौके पर तैनात पुलिस अफसरों के पसीने छूट गए।

​गृहमंत्री के इतने करीब चप्पलें चलना और धक्का-मुक्की होना छत्तीसगढ़ की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर गया। भारी पुलिस बल ने आनन-फानन में मानव श्रृंखला बनाकर विजय शर्मा को सुरक्षा घेरे में लिया और लाठियां फटकारते हुए उपद्रवियों को पीछे खदेड़ा।

राजनीतिक अखाड़े में तब्दील दीपोत्सव – इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद दोनों दलों के बीच तल्खी चरम पर पहुंच चुकी है :

  • कांग्रेस का वार : कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि धार्मिक आयोजन के नाम पर शहर को छावनी बनाना और गरीब फुटपाथ व्यापारियों को उजाड़ना तानाशाही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि जनता के वास्तविक आक्रोश को दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है।
  • भाजपा का पलटवार : भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस की सोची-समझी साजिश और हताशा करार दिया। उनका कहना है कि सवा लाख दीयों के पवित्र आयोजन को कांग्रेस अपनी घटिया राजनीति से कलंकित करना चाहती है। गृहमंत्री पर हमला करने की नीयत से चप्पलें लहराना कांग्रेस के संस्कार को उजागर करता है।

दीये जलने में अभी वक्त बाकी है, लेकिन मिताली चौक की सड़क पर नफरत और वर्चस्व का बारूद बिछ चुका है। जिस चौक को आस्था का प्रतीक बनना था, वह अब बस्तर की सबसे तीखी राजनीतिक जंग की गवाही दे रहा है। जगदलपुर के गली-कूचों से लेकर रायपुर के सियासी गलियारों तक, सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है – दीपावली की रौशनी में यह सुलगती चिंगारी अब क्या नया सियासी भूचाल लाएगी?

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!