जांजगीर-चांपा में सेल्फी का जानलेवा शौक : हसदेव नदी के खूनी भंवर में समाईं चौकसे कॉलेज के 3 छात्रों की जिंदगियां, 48 घंटे के रेस्क्यू के बाद बरामद हुए तीनों शव…

जांजगीर-चांपा। मोबाइल कैमरे में एक खूबसूरत फ्रेम कैद करने की सनक ने तीन होनहार छात्रों की सांसें हमेशा के लिए छीन लीं। जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना अंतर्गत देवरी पिकनिक स्पॉट पर हसदेव नदी के तेज बहाव में बहे बिलासपुर के चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज के बी-फार्मा के तीनों छात्रों के शव बरामद कर लिए गए हैं। शनिवार को एक छात्र की लाश मिलने के बाद, रविवार की अलसुबह एसडीआरएफ और गोताखोरों की संयुक्त टीम ने बाकी दो छात्रों के शव भी पानी के भीतर पत्थरों के बीच से खींच निकाले।
पिकनिक की मस्ती कैसे बदली चीख-पुकार में? – बिलासपुर स्थित चौकसे कॉलेज में बी-फार्मा प्रथम वर्ष में पढ़ने वाले 8 छात्र-छात्राएं (4 लड़के और 4 लड़कियां) शुक्रवार को छुट्टियां मनाने और मौज-मस्ती के लिए देवरी पिकनिक स्पॉट पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, हसदेव नदी के किनारे बने पत्थरों और टापू पर खड़े होकर छात्र खतरनाक एंगल से सेल्फी ले रहे थे।
इसी दौरान अचानक एक छात्र का पैर फिसला और वह हसदेव के विकराल और तेज बहाव में समाने लगा। अपने दोस्त को आंखों के सामने डूबता देख उसे बचाने के लिए दो अन्य साथी बिना सोचे-समझे उफनते पानी में कूद पड़े। लेकिन नदी का बहाव इतना भयावह था कि वह तीनों को एक साथ बहा ले गया। किनारे खड़ी छात्राओं और अन्य साथियों की चीखों के बीच चंद सेकंडों में तीनों छात्र गहरे पानी में ओझल हो गए।
48 घंटे चला रेस्क्यू : पत्थरों की खोह में फंसे मिले शव – हादसे की सूचना मिलते ही बलौदा थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर से एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय डीडीआरएफ (DDRF) की टीमों को बुलाया गया।
- शनिवार का सर्च ऑपरेशन : घंटों की मशक्कत के बाद शनिवार को पवन लाल का शव नदी से बरामद किया गया।
- रविवार सुबह की रिकवरी : रविवार तड़के करीब 6:15 बजे अंबिकापुर निवासी सचिन सिंह का शव गोताखोरों को मिला।
- पत्थरों की खोह से निकाला गया तीसरा शव : करीब 7:00 बजे मुरारी साहू का शव पानी के भीतर भारी-भरकम चट्टानों की खोह में फंसा हुआ मिला। जवानों को उसे बाहर निकालने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ी।
तीनों शवों को बलौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम के बाद रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिया गया है। कॉलेज के होनहार छात्रों की मौत से पूरे कैंपस और परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
हादसे के बाद जागा प्रशासन : बैरिकेडिंग और नो-एंट्री के आदेश – हर बड़े हादसे के बाद जागने की रवायत के तहत अब स्थानीय प्रशासन देवरी पिकनिक स्पॉट पर सख्ती की तैयारी कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने निर्देश जारी किए हैं:
- नदी के खतरनाक टापू और चट्टानों की ओर जाने वाले रास्तों पर स्थायी बैरिकेड्स लगाए जाएंगे।
- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को ‘प्रतिबंधित क्षेत्र’ घोषित कर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
- पिकनिक सीजन में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी पानी के तेज बहाव के करीब न जा सके।
चेतावनी को नजरअंदाज करने की भारी कीमत : हसदेव नदी के जलस्तर में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव और नदी के भीतर मौजूद घातक भंवरों से अनजान युवा अक्सर रोमांच के चक्कर में जान की बाजी लगा बैठते हैं। देवरी का यह दर्दनाक वाकया एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया की चंद सेकंड की रील्स और एक परफेक्ट सेल्फी, किसी की अनमोल जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं हो सकती।




