लैलूंगा : अंधेर नगरी, चौपट व्यवस्था: राजपुर में बिजली विभाग की ‘तेरहवीं’ का वक्त आ गया! लैलूंगा AE की कुंभकर्णी नींद कब टूटेगी?…

रायगढ़। शासन-प्रशासन भले ही चौबीस घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के बड़े-बड़े दावे कर ले, लेकिन लैलूंगा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत राजपुर की जमीनी हकीकत बिजली विभाग के दावों की धज्जियां उड़ा रही है। राजपुर में अघोषित और बेतरतीब बिजली कटौती ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है और वे खुलकर कहने लगे हैं कि बिजली विभाग का ‘अंतिम संस्कार’ कर उसकी ‘तेरहवीं’ मनाने का समय आ गया है।
बिना मौसम, बिना मसले 8-8 घंटे की मनमानी कटौती – ग्राम पंचायत राजपुर में सुबह होते ही 4 घंटे के लिए बिजली गायब कर दी जाती है और जैसे ही रात होती है, फिर से 4 घंटे के लिए पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। न कोई तेज आंधी, न बारिश और न ही कोई तकनीकी खराबी, फिर भी दिन-रात मिलाकर 8 घंटे की अंधाधुंध कटौती किसके इशारे पर हो रही है? भरी गर्मी और उमस के बीच रात में बिजली गुल होने से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग तड़पने को मजबूर हैं। वहीं दिन की कटौती से किसानों के काम और घरेलू कामकाज पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।
कुर्सी पर बैठकर सिर्फ समय काट रहे लैलूंगा AE? – विभाग की इस लचर कार्यप्रणाली को लेकर लैलूंगा के सहायक अभियंता (AE) सीधे तौर पर ग्रामीणों के निशाने पर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लैलूंगा AE दफ्तर में बैठकर सिर्फ समय खपा रहे हैं और उन्हें जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं रह गया है। शिकायत करने पर न तो कोई ठोस जवाब मिलता है और न ही समाधान की कोई पहल दिखती है। यह सवाल अब हर जुबान पर है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़कर किसके संरक्षण में बैठे हैं?
सड़कों पर उतरने की तैयारी में ग्रामीण – राजपुर के ग्रामीणों में बिजली विभाग की इस तानाशाही और लचर रवैये को लेकर भारी आक्रोश पनप रहा है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं किया गया और अघोषित कटौती बंद नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। बिजली विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन छेड़ते हुए कार्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी लैलूंगा बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों की होगी।




