बालोद

कुसुमकसा में अवैध शराब के कारोबार से ग्रामीण त्रस्त, प्रशासन व नेताओं की चुप्पी पर फूटा गुस्सा

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। जिले के डौंडी तहसील स्थित कुसुमकसा गांव के गैरेजपारा मोहल्ले में इन दिनों अवैध शराब के काले कारोबार ने पांव पसार लिए हैं। इससे पूरे इलाके में भय, अशांति और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, किसी रवि ठाकुर नाम का व्यक्ति वर्षों से बेधड़क और बिना किसी भय के खुलेआम अवैध शराब बेच रहा है। दिन-रात जारी इस अवैध तंत्र के कारण मोहल्ले में आए दिन विवाद, मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं हो रही हैं, जिससे आम नागरिकों का सुख-चैन पूरी तरह छीन चुका है।

अवैध शराब की सुलभ उपलब्धता का सबसे घातक प्रभाव गांव की युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे इस नशे के कारोबार के कारण कई युवा इसकी चपेट में आ चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई और रोजगार से दूर होकर युवा नशे की लत में अपना स्वास्थ्य और सामाजिक प्रतिष्ठा गंवा रहे हैं। गांव में स्कूल छोड़ने (ड्रॉपआउट) और बेरोजगारी की दर बढ़ने के साथ-साथ युवाओं में पारिवारिक जिम्मेदारियों से भागने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। ग्रामीणों को चिंता है कि यदि इस पर तुरंत अंकुश नहीं लगाया गया, तो पूरे गांव का सामाजिक और आर्थिक ताना-बाना पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा।

नशे के इस कारोबार ने घरेलू मोर्चे पर भी तबाही मचा रखी है। आपको बता दें कि सुबह 4 बजे से गैरेज पारा में शराबियों की रोजाना भीड़ उमड़ पड़ती है। शराबखोरी के कारण घरों में आए दिन तनाव, मानसिक उत्पीड़न और शारीरिक हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं।

“कई परिवारों की शांति भंग हो चुकी है और रोज-रोज के क्लेश से पीड़ित परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं।”

ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि “गांव के ही कुछ स्थानीय राजनीतिक दलबदलु नेताओं के संरक्षण और शह के कारण यह अवैध कारोबार निर्बाध रूप से फल-फूल रहा है।” पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र के कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही दलों के जिम्मेदार नेताओं को बार-बार इस गंभीर स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने इस पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। राजनीतिक नेताओं और जिम्मेदार तंत्र की इस घोर उदासीनता के कारण ग्रामीणों का न्याय और सुरक्षा व्यवस्था से विश्वास उठता जा रहा है। वही चार दिन पहले राजनीति में कदम रखे एक नेता ने गांव में ही खुलेआम बिक रही अवैध शराब पर पाबंदी लगवाने के बजाए दूसरे गांव में बिक रही अवैध शराब कारोबार को सिर पर उठा लिया था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन और जिला कलेक्टर से तुरंत और सख्त कदम उठाने की अपील की है। निवासियों की मांग है कि गैरेजपारा में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री तुरंत बंद कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही हो। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के लिए पुनर्वास केंद्र और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया, तो गांव का शांतिपूर्ण माहौल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा।

Feroz Ahmed Khan

संभाग प्रभारी : दुर्ग

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!