बिलासपुर में शिक्षा व्यवस्था शर्मसार : बुखार से तड़प रही बच्ची को अस्पताल भेजने के बजाय उसी से साफ कराई उल्टी, प्रधानपाठक को कारण बताओ नोटिस जारी…

बिलासपुर। जिले के मस्तूरी विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी से इंसानियत और गुरु-शिष्य परंपरा को शर्मसार करने वाली घिनौनी करतूत सामने आई है। स्कूल में तेज बुखार से तड़पती मासूम छात्रा को जब उल्टी हुई, तो शिक्षकों ने उसे तत्काल इलाज या राहत दिलाने की बजाय उसी बच्ची से उल्टी से सनी कुर्सी साफ करवाई। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया और प्रशासन हरकत में आया।

इलाज के बदले हाथ में थमा दिया कपड़ा – जानकारी के अनुसार, बेलटुकरी प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षकों की संवेदनहीनता उस वक्त उजागर हुई जब बुखार से पीड़ित एक नन्हीं छात्रा की स्कूल में अचानक तबीयत और बिगड़ गई। असहज महसूस होने पर बच्ची ने वहीं उल्टी कर दी, जिससे कुर्सी गंदी हो गई। मानवीय संवेदनाओं की धज्जियां उड़ाते हुए स्कूल प्रबंधन ने बच्ची को प्राथमिक उपचार दिलाने या घर पहुंचाने के बजाय उसी बीमार बच्ची से उल्टी साफ कराई। वायरल वीडियो में मासूम लाचार हालत में सफाई करती दिखाई दे रही है, जिसे देखकर आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया।
कलेक्टर के कड़े रुख के बाद डीईओ की कार्रवाई – मामले की गंभीरता और लोगों के आक्रोश को देखते हुए बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शिक्षा विभाग को सीधे कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने 12 सितंबर को शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी की प्रधानपाठक श्रीमती भारती खांडे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
3 दिन का अल्टीमेटम, होगी एकतरफा बर्खास्तगी व निलंबन की कार्रवाई – डीईओ द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि वायरल वीडियो में सामने आई यह अवांछनीय स्थिति शाला संचालन और प्रशासनिक नियंत्रण में गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। यह कृत्य पदीय कर्तव्यों के घोर विपरीत और ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों’ का खुला उल्लंघन है।
विभाग ने प्रधानपाठक को तीन दिन के भीतर लिखित और तथ्यात्मक स्पष्टीकरण पेश करने का अल्टीमेटम दिया है। नोटिस में दो टूक चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रधानपाठक के विरुद्ध एकतरफा कठोर प्रशासनिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।




