नौकरी का झांसा देकर लाखों की धोखाधड़ी — महिला आरोपी गिरफ्तार

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। पुलिस नेनौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से कुल 25.50 लाख रुपये वसूल कर उनमें से 7 पीड़ितों को ठगा जाने का खुलासा करते हुए महिला आरोपी को बालोद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में विशेष रूप से बालोद थाना प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा की तेज और व्यवस्थित जांच की बदौलत यह सफलता हाथ लगी है, जिसकी स्थानीय लोगों ने खुलेआम प्रशंसा की है।
प्रकरण की जांच से पता चला है कि महिला आरोपी ने अपने आप को उच्च पदस्थ अधिकारीयों से परिचित बताकर सरकारी नौकरियाँ दिलाने का झांसा दिया। पीड़ित डामिन साहू, बिंदु दुबे और ललिता गजेन्द्र ने गत 5 मार्च 2026 को पाण्डेपारा स्थित आरोपी लता धीवर से संपर्क कर नौकरी के संबंध में मुलाकात की। आरोपी ने स्वयं को “छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव” से पहचान बताकर प्रस्तुत किया और उन्हें कृषि विभाग, जिला अस्पताल में केयर टेकर तथा दवा वितरण जैसी सरकारी पोस्टों में नियुक्ति दिलाने के लिए रूपयों की मांग की। इसके बाद तीनों पीड़ितों ने अलग-अलग किश्तों में कुल 5,50,000 रुपये महिला आरोपी को सौंप दिए, परंतु वादे के अनुरूप किसी को भी नियत पद पर नियुक्त नहीं किया गया।

शिकायत मिलने पर बालोद पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए विवेचना आरंभ की। छानबीन के दौरान आरोपी के पास से बैंक लेनदेन के ठोस प्रमाण और एक वीवो मोबाइल जब्त किया गया, जिससे नेटवर्क और धन के प्रवाह का पता चला। पूछताछ में आरोपी लता धीवर ने स्वीकार किया कि उनके साथी मिलकर कुल सात पीड़ितों से नौकरी का प्रलोभन देकर 25,50,000 रुपये प्राप्त किए थे। आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खातों में कुल 23,92,500 रुपये ट्रांसफर किए जाने का संदेह प्रमाण भी पुलिस ने जुटाया। लता धीवर ने यह भी माना कि उसे इन लेनदेन पर 1,57,000 रुपये कमीशन के रूप में प्राप्त हुए।
इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 29 जून 2026 को लता धीवर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ़्तारी तथा शेष राशि के स्रोत की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि नौकरी दिलाने के नाम पर इन प्रकार की अप्रमाणित प्रणालियों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल, ऑफर लेटर या अवैध मांग के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
इस जांच में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा की सक्रियता, पेशेवऱाना रवैया और त्वरित कदमों को विशेष रूप से सराहा जा रहा है। उनका समन्वित निर्देशन और सूक्ष्म जांच ने न सिर्फ पीड़ितों को न्याय के करीब पहुँचाया बल्कि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर नकेल कसने का संदेश भी दिया। स्थानीय नागरिकों और पीड़ितों ने निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा व उनकी टीम की कार्यवाही को प्रभावी व निडर बताया, जिससे जनता का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हुआ है।
पुलिस ने कहा है कि वे इस तरह के धोखाधड़ी के मामलों में कड़ी कार्यवाही जारी रखेंगी और जो भी लोग नौकरी के नाम पर निजी धन वसूलने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। जनता से अनुरोध किया गया है कि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत बालोद पुलिस से संपर्क करें।
प्रकरण में महिला आरोपी की गिरफ्तारी एवं विवेचना कार्यवाही में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, सउनि सुरज साहू, प्रधान आरक्षक (1732) योगेश सिन्हा, आरक्षक (06) लक्ष्मण साहू, महिला आरक्षक (430) ममता ठाकुर, महिला आरक्षक (135) जागृति ठाकुर का विशेष सराहनीय योेगदान रहा।




