महामाया पहाड़ के जंगलों में सनसनी: साड़ी के फंदे पर झूलता मिला महिला का सड़ा-गला कंकाल, धड़ कटकर जमीन पर गिरा…

अंबिकापुर।जिला मुख्यालय से सटे और धार्मिक व प्राकृतिक दृष्टिकोण से चर्चित महामाया पहाड़ के घने जंगलों में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। ओरियंटल पब्लिक स्कूल से महज 100 मीटर की दूरी पर जंगल के भीतर एक अज्ञात महिला का सड़ा-गला कंकाल फंदे से लटकता हुआ पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है।
वनकर्मी की सतर्कता से हुआ खुलासा – घटना का खुलासा तब हुआ जब क्षेत्र में तैनात एक फॉरेस्ट गार्ड (वनकर्मी) अपनी नियमित गश्त पर निकला हुआ था। घने वृक्षों के बीच से गुजरते समय उसे तेज दुर्गंध का अहसास हुआ। जब उसने आसपास पड़ताल की, तो एक पेड़ पर महिला का आधा शरीर साड़ी के फंदे से लटकता दिखा, जबकि धड़ कटकर नीचे जमीन पर पड़ा हुआ था।
दृश्य इतना खौफनाक था कि वनकर्मी ने बिना देर किए तुरंत इसकी जानकारी कोतवाली थाना पुलिस को दी।
फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने संभाला मोर्चा – सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया।
- क्राइम सीन सील : पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके को सील कर दिया ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो।
- साक्ष्य जुटाए गए : फॉरेंसिक टीम ने पेड़, साड़ी के कपड़े के टुकड़े और आसपास की मिट्टी से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए।
एक महीने पुराना शव, बारिश के कारण अलग हुआ धड़ – फॉरेंसिक जांच के प्राथमिक आकलन के मुताबिक, यह शव करीब एक महीने पुराना माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक समय बीत जाने के कारण शव पूरी तरह सड़ चुका था। हाल ही में हुई लगातार बारिश और प्राकृतिक गलने की प्रक्रिया के कारण शरीर का निचला हिस्सा (धड़) कटकर जमीन पर गिर गया, जबकि साड़ी का फंदा पेड़ की डाल से बंधा रह गया।
शिनाख्त बनी सबसे बड़ी चुनौती – मृतका के पहने हुए कपड़ों और साड़ी के आधार पर यह तो साफ हो चुका है कि शव किसी महिला का है, लेकिन चेहरा और मांस पूरी तरह नष्ट हो जाने के कारण उसकी शिनाख्त (Identity) फिलहाल संभव नहीं हो सकी है।
थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा का आधिकारिक बयान : “हमने शव के अवशेषों को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। चूंकि शव अत्यधिक क्षत-विक्षत स्थिति में है, इसलिए मौत के सटीक कारणों (हत्या या आत्महत्या) का खुलासा पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।”
गुमशुदगी की फाइलों की जांच शुरू – महिला की पहचान के लिए पुलिस ने बहुआयामी जांच शुरू कर दी है:
- मिसिंग रिपोर्ट खंगाली जा रही हैं : पुलिस पिछले 1 से 1.5 महीने के दौरान अंबिकापुर शहर, कोतवाली थाना क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण थानों में दर्ज हुई सभी गुमशुदा (Missing Persons) महिलाओं की फाइलों की गहनता से पड़ताल कर रही है।
- आसपास के इलाकों में पूछताछ : महामाया पहाड़ से लगे रिहाइशी इलाकों और नजदीकी गांवों में भी मृतका के कपड़ों के हुलिए के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है।
महामाया पहाड़ जैसे व्यस्त और शहर के बिल्कुल करीब स्थित क्षेत्र में इतना पुराना शव मिलने से सुरक्षा व्यवस्था और गश्त को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की अगली कड़ी को सुलझा लिया जाएगा।




