लैलूंगा में सड़कों पर उतरा जनाक्रोश: विधायक विद्यावती सिदार के नेतृत्व में महा-आंदोलन, कुंजारा-तोलगे-मिलूपारा मार्ग के निर्माण की उठी हुंकार…

रायगढ़ । क्षेत्र की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित मांग को लेकर आखिरकार लैलूंगा का सब्र जवाब दे गया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लैलूंगा के तत्वावधान और स्थानीय लोकप्रिय विधायक श्रीमती विद्यावती सिदार के नेतृत्व में आज लैलूंगा में एक ऐतिहासिक और विशाल जनआंदोलन का आयोजन किया गया। कुंजारा–तोलगे–मिलूपारा सड़क की दयनीय और जर्जर स्थिति के खिलाफ आयोजित इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में ग्रामीण, किसान, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में सरकार के खिलाफ तीव्र जनाक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला।
नगर पंचायत परिसर से हुई हुंकार की शुरुआत – विशाल जनआंदोलन का शुभारंभ नगर पंचायत परिसर में आयोजित एक भव्य एवं आक्रामक सभा के साथ हुआ। सभा की अध्यक्षता और संचालन कर रहे क्षेत्रीय नेताओं ने वर्तमान भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।
सभा को संबोधित करते हुए लैलूंगा विधायक श्रीमती विद्यावती कुंजबिहारी सिदार ने कहा कि कुंजारा–तोलगे–मिलूपारा मार्ग इस क्षेत्र की वर्षों पुरानी और अत्यंत संवेदनशील मांग है। इस सड़क के गड्ढों में तब्दील हो जाने के कारण रोजमर्रा की जिंदगी नर्क बन चुकी है। ग्रामीणों, किसानों, स्कूली विद्यार्थियों और विशेषकर मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा:
“भाजपा सरकार सिर्फ हवा-हवाई घोषणाएं कर रही है, धरातल पर एक ईंट भी नहीं रखी गई है। यदि जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी इससे भी उग्र और बड़ा जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।”
दिग्गजों के तीखे तेवर : “विकास की जीवनरेखा को तरस रही जनता” -सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार दिया:
- पूर्व विधायक हृदय राम राठिया : ने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल के लाभ के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के मूलभूत अधिकारों के लिए है। सड़क जैसी बुनियादी सुविधा देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन शासन पूरी तरह असंवेदनशील बन चुका है।
- जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री ठंडा राम बेहरा : ने कहा कि जनता बरसों से सिर्फ आश्वासन सुन रही है। अब जनता का धैर्य टूट चुका है और जब तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं होता, यह संघर्ष थमेगा नहीं।
- ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र शाह : ने कुंजारा–तोलगे–मिलूपारा मार्ग को क्षेत्र के विकास की ‘जीवनरेखा’ बताते हुए कहा कि प्रशासनिक उपेक्षा के कारण क्षेत्र पिछड़ रहा है।
- पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती यशोमती सिंह और केशला मंडल अध्यक्ष निधि बोय ने कहा कि खराब सड़कों के कारण सबसे अधिक पीड़ा महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।
एसडीएम कार्यालय का घेराव : गूंजे “सड़क बनाओ या गद्दी छोड़ो” के नारे – सभा के संपन्न होने के बाद हजारों की संख्या में आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने एक विशाल रैली के रूप में एसडीएम कार्यालय की ओर कूच किया।
रैली के दौरान सड़कों पर शासन-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। “विष्णुदेव सरकार सड़क बनाओ या गद्दी छोड़ो”, “कुंजारा–तोलगे–मिलूपारा सड़क बनाना होगा, बनाना होगा” और “जनता का पैसा, जनता का अधिकार” जैसे गगनभेदी नारों से पूरा लैलूंगा गूंज उठा।
एसडीएम कार्यालय पहुंचने पर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम के तहत बैरिकेड्स लगाए गए थे। लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स को पार करते हुए सीधे एसडीएम कार्यालय परिसर तक पहुंच30 दर्ज की और जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन का घेराव किया।
प्रशासन को सौंपा गया कड़ा ज्ञापन – प्रदर्शन के उपरांत कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर कुंजारा–तोलगे–मिलूपारा सड़क के निर्माण के लिए तत्काल प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी करने की मांग की।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण मांग को पूरी प्राथमिकता के साथ शासन तक पहुंचाया जाएगा और जल्द से जल्द स्वीकृति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
अनुशासित और विशाल उपस्थिति – यह महा-आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, विभिन्न मंडलों व सेक्टरों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि तथा हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
इस दौरान प्रमुख रूप से लक्ष्मण पटेल, सीताराम यादव, विनोद पटेल, धनोरम यादव, आलोक गोयल, अपरांश सिन्हा, सतीश शुक्ला, प्रमोद प्रधान, दुर्योधन यादव, शिव शंकर प्रधान, शंकर सय सिदार, कंस राम प्रजा, उजियार रतिया, पोथीसिंह, रघुमानी गुप्ता, इंद्र साय टोप्पो, दसकेतन यादव, मोहन पटेल, सुनीता बड़ा, तेज सिंह दीवान, जगलाल भगत, शंकर लाल यादव, ललित रतिया, खगेश्वर मालाकार, रोशन साहू, सम्राट महंत, विक्की वैष्णव, शकुंतला भगत, दिलीप केरकेट्टा, कौशल्या साहू, मोहनलाल साहू, रायमती चौहान, रामप्यारी सिद्धार्थ, मनीराम कुजूर, सदानंद निषाद, अनु तिर्की, पूर्णावती पैंकरा, खगेश्वर प्रधान, करुणा प्रधान सहित हजारों की संख्या में आम जनता और कांग्रेसजन ने अपनी मुखर उपस्थिति दर्ज कराई।




