छत्तीसगढ़

पत्थलगांव में ‘सुशासन’ का अद्भुत चमत्कार: महिला को घर में घुसकर धमकाने वाले ‘गुंडे’ को मिला ‘एल्डरमैन’ का ताज!….

पत्थलगांव | विशेष व्यंग्य रिपोर्ट। क्या आपने कभी सोचा है कि एक महिला के घर में घुसकर, उसे भद्दी गालियां देकर और कैमरे के सामने अपनी दबंगई का ट्रेलर दिखाकर आपको क्या इनाम मिल सकता है? जेल की हवा? पुलिस के डंडे? जी नहीं! अगर आप जशपुर जिले (जो इत्तेफाक से मुख्यमंत्री जी का गृह जिला भी है) के पत्थलगांव में हैं, तो आपको सीधे ‘एल्डरमैन’ (नामांकित पार्षद) की कुर्सी मिल सकती है!

सत्ता और प्रशासन के इस ‘अंधे प्रेम’ की कहानी ने साबित कर दिया है कि कानून के हाथ अब लंबे नहीं रहे, बल्कि सत्ताधारियों की जेबों में सिमट कर रह गए हैं।

अवधेश गुप्ता: ‘गुंडागर्दी’ के नए ब्रांड एंबेसडर – वायरल वीडियो में हमारे इस कहानी के कथित ‘नायक’ श्रीमान अवधेश गुप्ता जिस बहादुरी के साथ एक निहत्थी महिला के घर में घुसते हैं, वह किसी ‘शौर्य चक्र’ के दर्जे से कम नहीं है! उनके मुँह से अभद्र भाषा की ऐसी निर्मल गंगा बह रही है कि सेंसर बोर्ड भी अपने कान बंद कर ले। और उनका वह महाकाव्य वाला डायलॉग-  “बीजेपी की गुंडागर्दी कैसी होती है, आज दिखा देता हूं।”

​वाह! क्या गजब की ईमानदारी है!

​पार्टी के शीर्ष नेता दिन-रात ‘महिला सम्मान’, ‘बेटी बचाओ’ और ‘सुशासन’ का राग अलापते हुए नहीं थकते, और यहाँ उनके ये कथित ‘रत्न’ सरेआम पार्टी की इज्जत का फालूदा बना रहे हैं। शायद प्रशासन को लगा कि इस आदमी में गजब का ‘पोटेंशियल’ है। जो व्यक्ति दिनदहाड़े एक महिला को इतनी शिद्दत से डरा सकता है, वह नगर पंचायत को तो बखूबी अपने खौफ से ‘संभाल’ ही लेगा!

दस्तावेज़ ने खोली ‘सिस्टम’ की पोल – जनता बेचारी सोच रही थी कि अब पुलिस आएगी, सायरन बजेगा और इस महाशय की हेकड़ी निकाली जाएगी। पुलिस-प्रशासन हरकत में आएगा और सलाखों के पीछे इनका नया ठिकाना होगा। लेकिन प्रशासन ने तो “आउट ऑफ द बॉक्स” सोचकर सबको चौंका दिया।

ज़रा नाम की इस जादुई सूची पर नज़र डालिए:

  • ​यह जशपुर जिले के नगरीय निकायों के नामांकित पार्षदों की आधिकारिक लिस्ट है।
  • ​इस सूची में न.पा. पत्थलगांव के अंतर्गत तीसरे नंबर पर बड़े ही सम्मान के साथ नाम दर्ज है— “श्री अवधेश गुप्ता”!
  • ​मतलब, जिस आदमी के खिलाफ तत्काल सख्त धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज होनी चाहिए थी, उसे प्रशासन ने वीआईपी (VIP) ट्रीटमेंट देते हुए एल्डरमैन की कुर्सी पर बैठा दिया है।

​तालियां बजनी चाहिए इस ‘सिस्टम’ के लिए, जहां ‘क्रिमिनल रिकॉर्ड’ और ‘गुंडागर्दी का वायरल वीडियो’ अब राजनीति में तरक्की के लिए एक शानदार रेज्यूमे (Resume) माना जाने लगा है!

विधायक गोमती साय जी से जनता के ‘नादान’ सवाल – अब पत्थलगांव की जनता, जो शायद कुछ ज्यादा ही ‘भोली’ है, क्षेत्रीय विधायक गोमती साय जी से कुछ बचकाने और चुभते हुए सवाल पूछ रही है:

  • ‘सुशासन’ का नया सिलेबस: क्या महिला के घर में घुसकर उसे जान से मारने की धमकी देना ‘सुशासन’ के नए पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा है?
  • कुर्सी का क्राइटेरिया: अगर अवधेश गुप्ता जैसे लोग खुलेआम ‘पार्टी की गुंडागर्दी’ के पोस्टर बॉय बने घूम रहे हैं, तो क्या एल्डरमैन की कुर्सी उन्हें इसी विशिष्ट ‘टैलेंट’ के लिए भेंट की गई है?
  • प्रशासन का मौन: क्या मंचों से महिलाओं के सम्मान की कसमें खाने वाले नेताओं के लिए यह वायरल वीडियो महज़ एक कॉमेडी क्लिप है, जिस पर पुलिस-प्रशासन आंखें मूंद कर मजे ले रहा है?
  • न्याय की परिभाषा: क्या अब पत्थलगांव में न्याय की किताब रसूखदारों के इशारों पर और उनके द्वारा दी गई गालियों के आधार पर लिखी जाएगी?

मुस्कुराइए, आप जशपुर में हैं! – यह पूरा वाकया सिर्फ एक व्यक्ति की बदसलूकी का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के खोखलेपन और सत्ता के अहंकार का एक वीभत्स तमाशा है। जब सत्ता का नशा सिर चढ़कर बोलता है, तो कानून की आंखों पर बंधी पट्टी और भी कस जाती है। अवधेश गुप्ता ने तो कैमरे पर अपनी नीयत साफ कर दी थी, लेकिन प्रशासन ने उन्हें सूची में जगह देकर यह साबित कर दिया है कि महिला सुरक्षा के दावे केवल चुनावी जुमले हैं।

​तो पत्थलगांव वासियो, अपनी शिकायतें लेकर पुलिस के पास जाने से पहले दो बार सोच लें। कहीं ऐसा न हो कि आप जिस ‘गुंडे’ की शिकायत करने जाएं, कल वह किसी बड़ी कुर्सी पर बैठकर आपका ही माई-बाप बन जाए और आपको ‘गुंडागर्दी’ का पार्ट-2 दिखा दे!

पूर्व में प्रकाशित खबर :

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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