लोरमी में ‘हाईटेक’ नकल का भंडाफोड़ : मिनीमाता कॉलेज का परीक्षा केंद्र निरस्त, मोबाइल और ब्लूटूथ से दे रहे थे परीक्षा…

मुंगेली। शिक्षा के नाम पर ‘नकल का अड्डा’ चला रहे संस्थानों के खिलाफ अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (बिलासपुर) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मुंगेली जिले के लोरमी स्थित मिनीमाता महाविद्यालय में चल रही परीक्षाओं में व्यापक पैमाने पर ‘हाईटेक नकल’ पकड़ी गई है। विश्वविद्यालय के उड़नदस्ता दल और स्वयं कुलसचिव द्वारा की गई छापामार कार्रवाई के बाद, इस परीक्षा केंद्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
रंगे हाथों पकड़े गए ‘हाईटेक’ नकलची – विश्वविद्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि मिनीमाता महाविद्यालय में नियमों को ताक पर रखकर परीक्षार्थियों को नकल कराई जा रही है। इसी आधार पर विश्वविद्यालय की उड़नदस्ता टीम ने अचानक दबिश दी।
- प्रथम पाली की कार्रवाई : टीम ने देखा कि परीक्षार्थी बिना किसी डर के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर उत्तर लिख रहे थे। मौके पर 9 परीक्षार्थियों को मोबाइल के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया।
- द्वितीय पाली का औचक निरीक्षण : दोपहर की पाली में स्वयं कुलसचिव डॉ. तारणिश गौतम और परीक्षा नियंत्रक रामेश्वर राठौर ने मोर्चा संभाला। इस दौरान एक छात्र ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करते पाया गया।
गंभीर अनियमितताएं : कॉलेज स्टाफ नहीं, बाहरी व्यक्ति करवा रहे थे नकल– निरीक्षण के दौरान जो खुलासे हुए, वे शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाले हैं :
- अनाधिकृत पर्यवेक्षक : परीक्षा हॉल में ड्यूटी कर रहे पर्यवेक्षक कॉलेज के अधिकृत स्टाफ न होकर बाहरी व्यक्ति पाए गए, जो सीधे तौर पर धांधली की ओर इशारा करता है।
- लापता केंद्राध्यक्ष : छापेमारी के दौरान केंद्राध्यक्ष विवेक साहू मौके से नदारद मिले, जिससे प्रबंधन की संलिप्तता और भी स्पष्ट हो गई।
- सुरक्षा का अभाव : महाविद्यालय महज चार कमरों के किराए के भवन में संचालित हो रहा है। न बाउंड्री वॉल है, न प्रयोगशाला। छात्र चिलचिलाती गर्मी में टीन और छप्पर के नीचे बैठकर परीक्षा देने को मजबूर थे।
विश्वविद्यालय का कड़ा एक्शन : केंद्र निरस्त, 213 छात्रों का नया ठिकाना – उड़नदस्ता दल की रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मिनीमाता महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र को स्थायी रूप से निरस्त कर दिया है।
- कल की परीक्षा (28 मार्च) : अब इस कॉलेज के सभी 213 परीक्षार्थी लोरमी के शासकीय राजीव गांधी महाविद्यालय में अपनी परीक्षा देंगे।
- जवाब-तलब : विश्वविद्यालय ने प्रबंधन को 7 बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कॉलेज की संबद्धता पर भी तलवार लटक सकती है।
पुराना है ‘नकल’ का इतिहास – मिनीमाता महाविद्यालय का विवादों से पुराना नाता रहा है। 2007 से संचालित इस कॉलेज को जब 2019 में पहली बार केंद्र बनाया गया था, तब भी यहाँ सामूहिक नकल का मामला उजागर हुआ था। उस समय भी केंद्र निरस्त किया गया था, लेकिन इसके बावजूद दोबारा केंद्र बनाया जाना विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करता है।



