खूनी संघर्ष : महुआ बीनने गई मां-बेटी पर कुल्हाड़ी के पासा से जानलेवा हमला, रायगढ़ के धरमजयगढ़ में जमीन विवाद ने पकड़ी आग…

रायगढ़। धरमजयगढ़ के ढोढागांव मांझापारा में महुआ बीनने के मामूली विवाद ने एक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। डेढ़ साल से चले आ रहे एक जमीन विवाद ने उस वक्त हिंसक मोड़ ले लिया जब एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने मिलकर एक बुजुर्ग महिला और उसकी बेटी पर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है।
घटना का घटनाक्रम : सुबह की शांति और अचानक हमला – शुक्रवार, 20 मार्च 2026 की सुबह करीब 09:00 बजे सुखमति राउत अपनी बेटी कुमारी राउत के साथ सरना डुगरु जंगल टिकरा स्थित अपने बेजा कब्जा वाली जमीन पर महुआ बीनने गई थीं। यह जमीन सुखमति के दिवंगत पति बीसम्भर राउत के समय से उनके कब्जे में थी, जिस पर महुआ के पेड़ लगे हैं।
तकरीबन 10:00 बजे, पड़ोसी किर्ती यादव, उसकी पत्नी शांति यादव और बहन गणेशी यादव वहाँ पहुँच गए। जमीन और पेड़ों पर अपना हक जताते हुए उन्होंने विवाद शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने आपा खो दिया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे।
साजिश के तहत हमला : बेबस मां-बेटी को घेरा – पवन कुमार राउत द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, हमला पूरी योजना के साथ किया गया :
- पकड़ में लिया : शांति यादव और गणेशी यादव ने पीड़िता सुखमति और उनकी बेटी कुमारी के हाथ-बांह को मजबूती से पकड़ लिया ताकि वे बचाव न कर सकें।
- टांगी से वार : जब महिलाएं असहाय हो गईं, तब आरोपी किर्ती यादव ने हाथ में रखी टांगी (कुल्हाड़ी) के पासा (पीछे का हिस्सा) से उन पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया।
गंभीर रूप से घायल हुईं महिलाएं : इस बर्बर हमले में मां-बेटी को शरीर के नाजुक हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं :
- सुखमति राउत (माँ) : सिर, दाहिना पैर और कंधे पर चोट।
- कुमारी राउत (बेटी) : बायां कान, सिर, सीना और दाहिने हाथ में गहरी चोट।
घटना के चश्मदीद जगरमति राउत और राजकुमार राउत ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
कानूनी शिकंजा : BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला – धरमजयगढ़ पुलिस ने अपराध क्रमांक 0066/2026 के तहत मामला दर्ज किया है। अब आरोपियों पर पुराने कानून के बजाय भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कड़ी धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस की सक्रियता : चौकी रैरूमाखुर्द के प्र०आर० और थाना धरमजयगढ़ के सहायक उप-निरीक्षक सुरेंद्र कुमार वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की है। हेड कांस्टेबल चिंतामणि कुर्रे को इस मामले की विस्तृत जांच (I.O.) सौंपी गई है।
विशेष नोट : यह मामला छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में महुआ सीजन के दौरान होने वाले जमीन विवादों की बढ़ती गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।




