जशपुर पुलिस का ‘शंखनाद’ : तस्करों के मंसूबों पर फिरा पानी, 7 गौ-वंश मुक्त, एक तस्कर गिरफ्तार…

जशपुर। जिले में गौ-तस्करी के काले कारोबार के खिलाफ जशपुर पुलिस ने काल बनकर दबिश दी है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में चल रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ ने तस्करों की कमर तोड़ दी है। पिछले 24 घंटों के भीतर पुलिस ने न केवल 07 गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया, बल्कि एक शातिर फरार तस्कर को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
मिशन टिकैतगंज : जंगल के रास्ते झारखंड तस्करी की कोशिश नाकाम – सिटी कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर ग्राम टिकैतगंज के घने जंगलों में घेराबंदी की। तस्कर अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर गौ-वंशों को पैदल ही मारते-पीटते झारखंड के गोविंदपुर ले जाने की फिराक में थे।
- बरामदगी : 07 नग गौ-वंश सकुशल रेस्क्यू।
- कार्रवाई : पुलिस की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें जंगल खंगाल रही हैं। पशु क्रूरता और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
‘ऑपरेशन अंकुश’: महीने भर से फरार तस्कर जागेश्वर गिरफ्तार : आस्ता थाना क्षेत्र में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। जनवरी माह में खोंगा क्षेत्र से 04 गौ-वंशों की तस्करी के मामले में फरार चल रहा आरोपी जागेश्वर लकड़ा (58 वर्ष) आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
- कैसे पकड़ा गया : आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर मनोरा क्षेत्र से धर दबोचा।
- बैकग्राउंड : इस मामले में एक आरोपी बनर्जी भगत पहले ही जेल जा चुका है। जागेश्वर की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने तस्करी के इस नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है।
“गौ-तस्करी के खिलाफ हमारा अभियान ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर आधारित है। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है और सरहद पार तस्करी की हर कोशिश को सख्ती से कुचला जाएगा।”
जशपुर पुलिस प्रशासन
मुख्य भूमिका : इस दोहरी सफलता में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख और आस्ता थाना प्रभारी उप-निरीक्षक अर्जुन यादव समेत उनकी जांबाज टीमों (जयसिंह मिर्रे, राम प्रताप, कोसमोस बड़ा व अन्य) का विशेष योगदान रहा।




