कोण्डागांव

नेशनल हाईवे-30 पर काल बनकर दौड़ा ट्रक: रायगढ़ के डॉक्टर की दर्दनाक मौत, प्लास्टिक की बोतल की तरह पिचक गई कार…

कोंडागांव। जिले में रविवार देर रात एक ऐसा खौफनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने देखने वालों की रूह कंपा दी। नेशनल हाईवे-30 पर गारका गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक और कार के बीच हुई आमने-सामने की भिड़ंत में एक युवा डॉक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मजबूत मानी जाने वाली कार किसी प्लास्टिक की खाली बोतल की तरह पिचक गई और डॉक्टर का शरीर मलबे में तब्दील हो चुकी गाड़ी के भीतर ही फंस गया।

छुट्टियां बिताकर लौट रहे थे ड्यूटी पर – ​मृतक की पहचान डॉ. राजू भगत के रूप में हुई है, जो मूल रूप से रायगढ़ के रहने वाले थे। डॉ. भगत सुकमा जिले के छिंदगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि वह अपने गृहग्राम रायगढ़ से छुट्टियां बिताकर अकेले ही अपनी कार से वापस ड्यूटी पर सुकमा लौट रहे थे। रविवार देर रात जब वह केशकाल थाना क्षेत्र के गारका गांव के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे अनियंत्रित ट्रक ने उनकी कार को अपनी चपेट में ले लिया।

लोहे के जाल में तब्दील हुई कार, कटर से काटना पड़ा दरवाजा – हादसे का मंजर इतना भयावह था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह खत्म हो गया। इंजन से लेकर पिछली सीट तक सब कुछ आपस में चिपक गया था। रात के सन्नाटे में हुई इस टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे, लेकिन कार की हालत देख हर कोई सन्न रह गया।

  • रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलते ही केशकाल पुलिस मौके पर पहुंची। डॉक्टर का शव कार के भीतर बुरी तरह फंसा हुआ था। काफी मशक्कत और उपकरणों की मदद से कार के दरवाजों को काटकर शव को बाहर निकाला जा सका।

NH-30 पर लगा लंबा जाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा – हादसे के बाद दोनों वाहन सड़क के बीचों-बीच फंसे हुए थे, जिसके कारण नेशनल हाईवे-30 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।

  • कार्रवाई : थाना प्रभारी विकास बघेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्रेन बुलाई और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, तब जाकर यातायात सुचारू हो सका। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

हादसे की मुख्य वजह : बेकाबू रफ्तार – प्राथमिक जांच में पुलिस का मानना है कि तेज रफ्तार ही इस तबाही का मुख्य कारण रही। रात का समय होने के कारण विजिबिलिटी और ट्रक की अनियंत्रित गति ने डॉक्टर को संभलने का मौका भी नहीं दिया। फिलहाल पुलिस ने ‘मर्ग’ कायम कर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

शोक की लहर : एक डॉक्टर जो लोगों की जान बचाने के मिशन पर वापस लौट रहा था, खुद सड़क के इस खूनी तांडव का शिकार हो गया। इस खबर के बाद सुकमा और रायगढ़ के चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!