छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़ा धमाका: वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी पदमुक्त, ‘नार्को टेस्ट’ की मांग पड़ी भारी…

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) में नए साल के पहले ही दिन बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है। अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं के ‘नार्को टेस्ट’ की मांग करने वाले वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी पर पार्टी ने कड़ा एक्शन लिया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करते हुए ‘कारण बताओ नोटिस’ थमा दिया गया है।
क्यों गिरी गाज? (मुख्य कारण) – जारी नोटिस के अनुसार, विकास तिवारी ने झीरम घाटी हमले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग को पत्र लिखकर भाजपा नेताओं के साथ-साथ अपनी ही पार्टी (कांग्रेस) के वरिष्ठ नेताओं के नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा माना है।
नोटिस के तीखे अंश :
- पार्टी लाइन से बाहर : नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि वरिष्ठ प्रवक्ता होने के नाते विकास तिवारी को पार्टी लाइन में रहकर बात करनी थी, लेकिन उन्होंने मीडिया में वरिष्ठ नेताओं का नाम उछालकर अनुशासनहीनता की है।
- भाजपा पर हमला : कांग्रेस ने दोहराया है कि झीरम की घटना भाजपा सरकार के दौरान हुई थी और इसके लिए भाजपा ही जिम्मेदार है। ऐसे में अपनी ही पार्टी के नेताओं पर उंगली उठाना बर्दाश्त के बाहर है।
- 3 दिन का अल्टीमेटम : प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर प्रभारी महामंत्री (संगठन) मलकीत सिंह गैदू द्वारा जारी इस नोटिस में तिवारी से 3 दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है।
सियासी हलचल तेज : इस कार्रवाई की प्रतिलिपि सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टी.एस. सिंहदेव और चरणदास महंत जैसे दिग्गज नेताओं को भी भेजी गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विकास तिवारी के इस कदम ने पार्टी के भीतर दबी हुई गुटबाजी को हवा दे दी है। अब देखना यह होगा कि विकास तिवारी इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और क्या यह कार्रवाई संगठन के भीतर उठ रहे असंतोष को दबा पाएगी।




