रायगढ़ में ‘रक्तचरित्र’: धौराभाठा बना रणक्षेत्र, महिला टीआई पर प्राणघातक हमला; जिंदल कोल ब्लॉक के विरोध में भड़की हिंसा की आग…

रायगढ़/तमनार: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले का तमनार क्षेत्र शनिवार को जल उठा। गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के विरोध की चिंगारी ऐसी भड़की कि उसने कानून-व्यवस्था को पूरी तरह राख कर दिया। धौराभाठा गांव में जिंदल उद्योग के खिलाफ चल रहा ग्रामीणों का प्रदर्शन अचानक ‘खूनी संघर्ष’ में तब्दील हो गया, जहां आक्रोशित भीड़ ने न केवल आगजनी की, बल्कि खाकी को भी बेरहमी से निशाना बनाया।
ममता से क्रूरता तक : महिला टीआई को घेरकर पीटा -हिंसा का सबसे वीभत्स चेहरा तब सामने आया जब प्रदर्शनकारी महिलाओं के एक गुट ने तमनार थाना प्रभारी (TI) कमला पुसाम को अकेला पाकर घेर लिया। कानून की रक्षक पर लात-घूंसों की बरसात कर दी गई। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि टीआई पुसाम लहूलुहान होकर मौके पर ही बेहोश हो गईं। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस बल पर हुए इस बर्बर हमले ने प्रशासनिक हलके में हड़कंप मचा दिया है।
आगजनी और तांडव : धुएं के गुबार में तब्दील हुआ इलाका – सीएचपी चौक पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सिर्फ पत्थरबाजी तक सीमित नहीं रहा। देखते ही देखते भीड़ ने कंपनी की बसों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। आसमान में काले धुएं का गुबार और सड़कों पर जलती गाड़ियां गवाही दे रही थीं कि हालात काबू से बाहर हो चुके हैं। पुलिस की गाड़ियों पर भी जमकर पत्थर बरसाए गए, जिससे कई जवान घायल हुए हैं।
खौफ के साये में धौराभाठा : पुलिस का ‘कॉम्बिंग ऑपरेशन’ शुरू – घटना के बाद पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। स्थिति को संभालने के लिए जिले भर से अतिरिक्त बल बुलाया गया है। पुलिस ने अब तक 35 से अधिक उपद्रवियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। गांव में सन्नाटा पसरा है, लेकिन यह शांति खौफनाक है। पुलिस अब ड्रोन और वीडियो फुटेज के जरिए उन चेहरों की पहचान कर रही है जिन्होंने इस हिंसा की पटकथा लिखी।
टकराव की जड़ : जमीन, अस्तित्व और आंदोलन – यह हिंसा रातों-रात नहीं भड़की। गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक को लेकर ग्रामीणों और जिंदल प्रबंधन के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। ग्रामीण अपनी जमीन और आजीविका खोने के डर से आंदोलित थे, लेकिन शनिवार को वार्ता की मेज के बजाय पत्थरों और आग ने बात की।
प्रशासनिक रुख : रायगढ़ प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जहाँ एक ओर शांति बहाली की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर ‘वर्दी’ पर हुए हमले ने पुलिसिया कार्रवाई को और सख्त कर दिया है।
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