लैलूंगा : कलेक्टर के कड़े तेवर – धान खरीदी में ‘लापरवाही’ पड़ी भारी, कमरगा पटवारी सस्पेंड…

रायगढ़ | राज्य शासन की सबसे महत्वपूर्ण ‘धान खरीदी योजना’ में सुस्ती और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी करना लैलूंगा के एक पटवारी को महंगा पड़ गया। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के कड़े निर्देश के बाद लैलूंगा एसडीएम ने ग्राम कमरगा के हल्का पटवारी जितेन्द्र भगत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जांच में खुली पोल : खानापूर्ति का खेल उजागर – धान खरीदी के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए शासन ने पटवारियों को धान उत्पादन का भौतिक सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी है। 22 दिसंबर को जब एसडीएम ने पटवारी जितेन्द्र भगत से सत्यापन की रिपोर्ट मांगी, तो प्रशासन के होश उड़ गए।
- नाममात्र का पंचनामा : पटवारी ने केवल 3 किसानों के पंचनामे पेश किए।
- अधूरी जानकारी : उन कागजों पर सिर्फ किसानों के नाम और हस्ताक्षर थे; सत्यापन की अनिवार्य जानकारी गायब थी।
- निरुत्तर पटवारी : अतिरिक्त जानकारी मांगने पर पटवारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
कदाचार की श्रेणी में कार्रवाई : प्रशासन ने इसे शासन के निर्देशों की खुली अवहेलना और गंभीर उदासीनता माना है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1966 के विरुद्ध पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।




