अंबिकापुर

अंबिकापुर : नवीन इंजीनियरिंग पर CGST का शिकंजा, टैक्स चोरी के सुराग तलाश रही रायपुर की टीम…

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग के सबसे बड़े औद्योगिक घरानों में शुमार ‘नवीन इंजीनियरिंग’ पर सेंट्रल जीएसटी (CGST) की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी है। रायपुर से आई विशेष टीम बुधवार से ही संस्थान के एमजी रोड स्थित ठिकानों और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर डेरा डाले हुए है। भारी मशीनों और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर के इस दिग्गज खिलाड़ी पर करोड़ों की टैक्स चोरी का संदेह है।

जांच के घेरे में ‘ज्वाय’ ई-बाइक और हैवी मशीनरी : नवीन इंजीनियरिंग न केवल सरगुजा बल्कि पूरे संभाग में हैवी मशीन मैन्युफैक्चरिंग का एक प्रतिष्ठित नाम है। संस्थान की गतिविधियां व्यापक हैं:

  • हैवी मशीनरी : औद्योगिक और निर्माण कार्यों के लिए भारी मशीनों का निर्माण।
  • सरकारी सप्लाई : विभिन्न शासकीय विभागों को उपकरणों की बड़े पैमाने पर आपूर्ति।
  • ई-व्हीकल सेगमेंट : कंपनी द्वारा ‘ज्वाय’ (Joy) इलेक्ट्रिक बाइक का निर्माण और वितरण।
  • एग्रीकल्चर : आधुनिक कृषि उपकरणों का निर्माण एवं विक्रय।

अंडर-वैल्यूएशन का खेल: कागजों पर कम दिखाई लागत : सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी विभाग को खुफिया जानकारी मिली थी कि संस्थान में निर्मित होने वाली मशीनों की उत्पादन लागत (Production Cost) को जानबूझकर कागजों पर कम दिखाया जा रहा है।

आरोप है कि: इस ‘अंडर-वैल्यूएशन’ तकनीक के जरिए आउटपुट टैक्स लायबिलिटी को कम किया गया, जिससे सरकारी खजाने को बड़ी चपत लगी है। विभाग अब पिछले कुछ वर्षों के कच्चे बिलों, सेल्स रजिस्टर और डिजिटल ट्रांजेक्शन का मिलान कर रहा है।

अधिकारियों की चुप्पी, कार्रवाई की गंभीरता : हफ्तों की रेकी के बाद शुरू हुई इस छापेमारी को लेकर अधिकारी फिलहाल बेहद सतर्क हैं। मीडिया के सवालों पर इसे एक “सामान्य प्रक्रिया” बताया जा रहा है, लेकिन 24 घंटे से अधिक समय से चल रही जांच और दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

​रायपुर से आए अधिकारियों की टीम कंप्यूटर हार्ड डिस्क, सर्वर डेटा और बैंक स्टेटमेंट को खंगाल रही है ताकि स्टॉक और सेल के बीच के अंतर को पकड़ा जा सके।

व्यावसायिक जगत में हड़कंप : ​अंबिकापुर के एमजी रोड स्थित मुख्य प्रतिष्ठान पर हुई इस बड़ी कार्रवाई से शहर के व्यापारियों और उद्योगपतियों में हड़कंप मचा हुआ है। सरकारी विभागों को होने वाली सप्लाई के रिकॉर्ड्स भी जांच के दायरे में हैं, जिससे आने वाले दिनों में कुछ बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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