कल्याण कॉलेज में “गुंडाराज” : प्राचार्य के चैंबर में तांडव, नेमप्लेट पर कालिख और जूतों की माला पहनाने की कोशिश…

भिलाई। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले कल्याण कॉलेज का परिसर सोमवार को अखाड़े में तब्दील हो गया। छात्र राजनीति और सेवा के नाम पर भिलाई नगर विधायक प्रतिनिधि आकाश कनौजिया और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सारी मर्यादाएं लांघ दीं। प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा के चैंबर में घुसकर न केवल जमकर उपद्रव मचाया गया, बल्कि उनके नेमप्लेट पर कालिख पोत दी गई और उन्हें जूतों की माला पहनाने का भी शर्मनाक प्रयास किया गया।
आधे घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे ने कॉलेज प्रशासन और कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा कर रख दीं।
क्या है पूरा मामला? – विवाद की जड़ में चतुर्थ श्रेणी की महिला कर्मचारी गोदावरी की बर्खास्तगी है।
- आरोप : गोदावरी का दावा है कि वह पिछले 18 सालों से कॉलेज में सेवा दे रही थीं, लेकिन बिना किसी नोटिस के उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।
- अभद्रता का आरोप : महिला कर्मचारी का यह भी आरोप है कि प्राचार्य ने उनके साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार किया, जिससे उनकी गरिमा को ठेस पहुंची। इस मामले की शिकायत हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति तक की जा चुकी है।
विरोध नहीं, यह अराजकता थी : इसी शिकायत को आधार बनाकर आकाश कनौजिया अपने समर्थकों के साथ कॉलेज पहुंचे। बातचीत की जगह सीधा हमला बोला गया :
- चैंबर में घुसपैठ : भीड़ प्राचार्य के केबिन में जबरन घुस गई।
- सरकारी काम में बाधा : टेबल पर रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को फाड़कर हवा में उड़ा दिया गया।
- जानलेवा घेराव : प्राचार्य द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद कार्यकर्ता उन्हें चैंबर से बाहर खींचने पर आमादा थे।
- कालिख और जूते : विरोध का स्तर इतना गिर गया कि नेमप्लेट काली कर दी गई और जूतों की माला लहराई गई।
पुलिस की एंट्री और प्राचार्य का बयान : स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। भारी मशक्कत के बाद पुलिस ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को चैंबर से खदेड़ा, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था। कार्यकर्ता बाहर निकलकर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करते रहे।
प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा का बयान :
”शिक्षा के पवित्र परिसर में यह गुंडई कतई बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। यह हरकत न केवल अमर्यादित है बल्कि निंदनीय भी है।”
सवालों के घेरे में ‘नेताजी’ : भले ही महिला कर्मचारी की शिकायत गंभीर हो, लेकिन क्या न्याय मांगने का तरीका यही है? एक प्राचार्य के साथ ऐसा सलूक क्या छात्र राजनीति का असली चेहरा है? फिलहाल कॉलेज में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है, लेकिन इस घटना ने शहर में शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक दखलअंदाजी पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।



