रावघाट से नागपुर तक सीधी ट्रेन चलाने की मांग : बस्तर के आदिवासियों, व्यापारियों और युवाओं के लिए खुलेगी नई राह

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
रायपुर/बस्तर/बालोद। छत्तीसगढ़ के दक्षिण वनांचल बस्तर सहित बालोद जिले को महाराष्ट्र के प्रमुख व्यापारिक, शैक्षणिक और चिकित्सीय केंद्र नागपुर से सीधे रेल मार्ग द्वारा जोड़ने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग से करबद्ध निवेदन किया है कि बस्तर संभाग के रावघाट से नागपुर तक एक नई सीधी ट्रेन सेवा शीघ्र शुरू की जाए।

भारतीय रेलवे ने लौह अयस्क की आपूर्ति के उद्देश्य से बस्तर के रावघाट और नारायणपुर तक रेलवे लाइन का निर्माण कर इसे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ा है। इस रेल लाइन के शुरू होने से बड़े स्टील कारोबारियों और उद्योग जगत को भारी आर्थिक लाभ मिल रहा है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का मानना है कि केवल मालगाड़ियों के संचालन तक सीमित रहने के बजाय, यदि इस मार्ग पर यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जाए, तो बस्तर के आदिवासियों और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।

वर्तमान ट्रेन समय सारणी और एक घंटे से अधिक का समय अंतराल
दुर्ग से नागपुर मार्ग पर वर्तमान में संचालित मुख्य ट्रेनों की समय सारणी निम्नानुसार है जिनमें –
- ट्रेन संख्या 18030 (शालीमार – मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस) : दुर्ग से सुबह 07:50 बजे प्रस्थान कर दोपहर 13:15 बजे नागपुर पहुंचती है।
- ट्रेन संख्या 12409 (गोंडवाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस – रायगढ़ से हजरत निजामुद्दीन जंक्शन) : दुर्ग से सुबह 08:35 बजे प्रस्थान कर दोपहर 12:35 बजे नागपुर पहुंचती है।
- ट्रेन संख्या 12810 (हावड़ा – मुंबई सीएसएमटी मेल) : दुर्ग से सुबह 09:40 बजे प्रस्थान कर दोपहर 13:55 बजे नागपुर पहुंचती है।
- ट्रेन संख्या 12130 (आजाद हिंद एक्सप्रेस – हावड़ा जंक्शन से पुणे जंक्शन) : दुर्ग से सुबह 11:45 बजे प्रस्थान कर दोपहर 15:50 बजे नागपुर पहुंचती है।
- ट्रेन संख्या 12834 (हावड़ा अहमदाबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस) : दुर्ग से दोपहर 14:35 बजे प्रस्थान कर शाम 18:55 बजे नागपुर पहुंचती है।
नागपुर से दुर्ग की ओर लौटने के लिए प्रमुख ट्रेनें इस प्रकार हैं जिनमें –
- ट्रेन संख्या 12833 (अहमदाबाद – हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस) : नागपुर से शाम 18:05 बजे प्रस्थान कर रात 22:30 बजे दुर्ग पहुंचती है।
- ट्रेन संख्या 12859 (गीतांजलि एक्सप्रेस – मुंबई से हावड़ा जंक्शन) : नागपुर से शाम 19:00 बजे प्रस्थान कर रात 22:50 बजे दुर्ग पहुंचती है।
विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि सुबह के समय ट्रेन संख्या 12409 (गोंडवाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस, सुबह 08:35 बजे) और ट्रेन संख्या 12810 (हावड़ा – मुंबई मेल, सुबह 09:40 बजे) के बीच दुर्ग स्टेशन पर एक घंटे से अधिक का समय अंतराल मौजूद है। इस समय अंतराल का सदुपयोग करते हुए रेलवे प्रशासन रावघाट से नागपुर के बीच एक नई सीधी ट्रेन आसानी से चला सकता है।

व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा को मिलेगी नई ऊर्जा
रावघाट से नागपुर के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से रावघाट, ताड़ोकी, अंतागढ़, केंवटी, भानुप्रतापपुर, दल्ली राजहरा, बालोद, गुंडरदेही, मरौदा, दुर्ग जंक्शन, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, तुमसर, भंडारा और नागपुर जंक्शन जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन सीधे आपस में जुड़ जाएंगे।

इस नई ट्रेन सेवा से अंतागढ़, नारायणपुर, भानुप्रतापपुर, डौंडी, दल्ली राजहरा, बालोद व गुंडरदेही के स्थानीय व्यापारियों के लिए नागपुर का बड़ा व्यापारिक बाजार सुलभ हो जाएगा। नागपुर मध्य भारत का एक बड़ा व्यावसायिक केंद्र है, जहाँ से दैनिक उपभोग की वस्तुएं, कपड़े, कृषि उत्पाद, कृषि उपकरण, दवाइयां और इलेक्ट्रॉनिक सामान बस्तर क्षेत्र तक सुगमता से पहुंच सकेंगे।

इसके अलावा, स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से नागपुर में स्थित एम्स और अन्य सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल बस्तर और कांकेर क्षेत्र के ग्रामीण व आदिवासी मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान में सीधी ट्रेन न होने के कारण गंभीर मरीजों को दुर्ग या रायपुर आकर ट्रेन बदलनी पड़ती है या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों का भारी नुकसान होता है। सीधी रेल सेवा मिलने से मरीजों को त्वरित इलाज मिल सकेगा।
शैक्षणिक दृष्टि से भी बस्तर, कांकेर और बालोद जिले के हजारों छात्र उच्च शिक्षा के लिए नागपुर और महाराष्ट्र के अन्य शहरों का रुख करते हैं। सीधी ट्रेन सेवा से इन विद्यार्थियों का आवागमन सुरक्षित, सुगम और किफायती हो जाएगा।

जनहित में शीघ्र निर्णय लेने की अपील
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने केंद्र सरकार और रेलवे बोर्ड से मांग की है कि बस्तर की समृद्ध खनिज संपदा का लाभ देश के उद्योगों को देने के साथ-साथ, यहाँ के निवासियों की मूलभूत आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाए। रावघाट-नागपुर सीधी रेल सेवा बस्तर के आदिवासियों को मुख्यधारा से जोड़ने और पूरे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।




