रायगढ़

तमनार की सड़कों पर थमेगा मौत का तांडव : 152 करोड़ की लागत से बनेगा 8.50 किमी फोरलेन बायपास…

रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता और ‘डबल इंजन’ सरकार की सक्रियता ने तमनार क्षेत्र की तकदीर बदलने वाला फैसला लिया है। सालों से भारी वाहनों के पहियों के नीचे सिसक रहे तमनार को अब धूल, धुएं और हादसों से परमानेंट आजादी मिलने वाली है। शासन ने तमनार बायपास मार्ग निर्माण के लिए 152.49 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि को हरी झंडी दे दी है।

विष्णु के ‘सुशासन’ में चौधरी-साव की जुगलबंदी – ​इस बड़ी सौगात के पीछे वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता और उपमुख्यमंत्री अरुण साव का कुशल समन्वय साफ नजर आ रहा है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने 27 मार्च को आयोजित अपनी 70वीं बैठक में इस प्रोजेक्ट पर मुहर लगा दी है।

प्रोजेक्ट की ‘धारदार’ विशेषताएं : यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि तमनार की ‘लाइफलाइन’ होगी :

  • लंबाई : 8.50 किलोमीटर का अत्याधुनिक फोरलेन मार्ग।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर : 2 बड़े पुल, 4 छोटे पुल और दर्जनों पुलिया।
  • सुरक्षा : रिटेनिंग वॉल और जल निकासी के लिए पक्की नालियों का जाल।
  • डायवर्जन : कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहन अब शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे।

तमनार के लोगों ने वर्षों तक धूल और असुरक्षा झेली है। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर हमने यह सुनिश्चित किया है कि विकास का लाभ धरातल पर दिखे। यह बायपास न केवल प्रदूषण कम करेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास के द्वार भी खोलेगा।”

शासन का आधिकारिक पक्ष

हादसों पर लगेगा ‘ब्रेक’, प्रदूषण से मिलेगी ‘मुक्ति’ – वर्तमान में तमनार की मुख्य सड़कें भारी ट्रेलरों और ट्रकों के कब्जे में रहती हैं, जिससे हर वक्त जानलेवा हादसों का डर बना रहता है। इस बायपास के बनने से:

  • जनहानि में कमी: आबादी क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होने से सड़क दुर्घटनाएं शून्य के करीब पहुंचेंगी।
  • क्लीन तमनार: उड़ती हुई कोयला डस्ट से स्थानीय निवासियों और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर खत्म होगा।
  • सुगम यातायात: स्थानीय लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी और समय की बचत होगी।

152 करोड़ की यह स्वीकृति तमनार के लिए केवल एक वित्तीय आंकड़ा नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। अब इंतजार है निर्माण कार्य के भूमिपूजन का, ताकि विकास के पहिए तेजी से घूम सकें।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!