मंत्रालय में नौकरी का ‘मायाजाल’ : रायगढ़ पुलिस ने दुर्ग से दबोचा महाठग, 20 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा…

रायगढ़। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों की गाढ़ी कमाई डकारने वाले एक शातिर गिरोह का रायगढ़ पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के कड़े निर्देशन में पुसौर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विवेक कुमार शर्मा को दुर्ग के वैशाली नगर से गिरफ्तार किया है। ठगों ने मंत्रालय में ऊंची पहुंच का झांसा देकर पुसौर क्षेत्र के तीन ग्रामीणों से 20 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी।
ठगी की पटकथा : जमीन बेचकर चुकाई ‘नौकरी की कीमत’ – मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम घुघवा (पुसौर) निवासी कुंजबिहारी पटेल ने जनवरी माह में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, आरोपी सितेश पाणिग्राही (निवासी गोपालपुर, चन्द्रपुर) का पीड़ितों के गांव में आना-जाना था। सितेश ने कुंजबिहारी को विश्वास में लिया कि उसकी मंत्रालय में गहरी पैठ है और वह उसे सरकारी नौकरी दिला सकता है।
भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने अपने भाई का फर्जी ‘ऑनलाइन जॉइनिंग लेटर’ दिखाया। झांसे में आकर कुंजबिहारी ने अपनी जमीन बेचकर अप्रैल 2022 से अब तक किस्तों में कुल 8,27,300 रुपये आरोपियों को सौंप दिए।
गिरोह का शिकार बने अन्य ग्रामीण – पुलिस जांच में सामने आया कि सितेश और उसके साथी विवेक ने केवल कुंजबिहारी को ही नहीं, बल्कि गांव के अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया था:
- मुन्ना प्रसाद डनसेना : 3,77,000 रुपये की ठगी।
- देवकुमार : 8,00,000 रुपये की ठगी। कुल मिलाकर आरोपियों ने तीनों पीड़ितों से 20,04,000 रुपये की अवैध वसूली की।
चेक बाउंस से खुला राज, दुर्ग में हुई गिरफ्तारी – जब महीनों बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली, तो पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे। आरोपी सितेश उन्हें दुर्ग लेकर गया और वहां विवेक कुमार शर्मा से मिलवाया। दोनों ने पैसे लेने की बात स्वीकार की और पीड़ितों को गारंटी के तौर पर चेक दिए। लेकिन जब पीड़ितों ने ये चेक बैंक में जमा किए, तो वे बाउंस हो गए। ठगी का अहसास होते ही मामला पुलिस तक पहुंचा।
पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज की टीम ने मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दुर्ग में दबिश दी और आरोपी विवेक कुमार उर्फ विवेक कुमार विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया। आरोपी के पास से HDFC बैंक का चेक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
पुलिस प्रशासन का कड़ा रुख – इस पूरी कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा का मार्गदर्शन रहा। टीम में एएसआई मनमोहन बैरागी, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता और आरक्षक राहुल सिदार की अहम भूमिका रही।
एसएसपी का संदेश:
“आम जनता किसी के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई न लुटाएं। सरकारी नौकरी केवल मेरिट और चयन प्रक्रिया से मिलती है। रायगढ़ पुलिस ऐसे ठगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।” – शशि मोहन सिंह, SSP रायगढ़
आगे क्या? – गिरफ्तार आरोपी विवेक शर्मा को न्यायालय ने न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अब फरार मुख्य आरोपी सितेश पाणिग्राही की तलाश में जुटी है। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया होगा, जिसकी जांच जारी है।




