सनसनीखेज : मिलूपारा ‘अंधे कत्ल’ का पर्दाफाश; कातिल निकला सगा दोस्त, टॉर्च के टूटे टुकड़े ने खोला राज…

रायगढ़ । जिले के तमनार पुलिस ने मिलूपारा में हुई चौकीदार की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जिस शख्स ने पुलिस को गुमराह करने के लिए डकैतों के हमले की मनगढ़ंत कहानी सुनाई थी, वही असली कातिल निकला। वैज्ञानिक साक्ष्यों और पुलिस की कड़ी पूछताछ के सामने आरोपी का झूठ टिक नहीं सका।
खाने को लेकर हुआ था विवाद, टॉर्च से उतार दिया मौत के घाट – घटना 9 मार्च 2026 की रात की है। मिलूपारा सिदारपारा नहर के पास बिजली टॉवर की रखवाली करने वाले लखन उर्फ धरभईया चौधरी (46 वर्ष) की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। आरोपी अजहर अली (63 वर्ष) ने पुलिस को बताया था कि 4-5 अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला किया और लखन को घसीट कर ले गए।
लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल के सूक्ष्म निरीक्षण ने कहानी बदल दी। मृतक के मुंह में प्लास्टिक का एक छोटा टुकड़ा मिला, जो पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ।
ऐसे बेनकाब हुआ ‘आस्तीन का सांप’ – एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जब तमनार पुलिस ने जांच शुरू की, तो आरोपी अजहर अली के बयानों में विरोधाभास मिला।
- झूठी कहानी : आरोपी ने दावा किया कि बदमाशों ने उसे थप्पड़ मारा और वह झाड़ियों में छिप गया।
- वैज्ञानिक सच : डॉग स्क्वाड और एफएसएल की जांच में आसपास किसी बाहरी व्यक्ति के आने के निशान नहीं मिले।
- कातिल टॉर्च : कड़ाई से पूछताछ करने पर अजहर टूट गया। उसने कुबूल किया कि खाना बनाने की बात पर हुए विवाद में उसने लखन को जमीन पर पटक दिया और अपने टॉर्च से उसके चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए। फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
साक्ष्य मिटाने की थी पूरी तैयारी – हत्या के बाद शातिर आरोपी ने खून से सने टॉर्च को धोकर बैग में छिपा दिया था और अपने खून लगे कपड़े जला दिए थे। हालांकि, टॉर्च का वही हिस्सा (प्लास्टिक का टुकड़ा) जो मारपीट के दौरान लखन के मुंह में फंस गया था, उसने कातिल की पहचान पक्की कर दी। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त टॉर्च बरामद कर ली है।
एसएसपी ने किया टीम को पुरस्कृत करने का ऐलान – रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर और उनकी टीम की पेशेवर जांच की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल कर एक जटिल मामले को सुलझाया है, इसके लिए पूरी टीम को उचित ईनाम दिया जाएगा।
पुलिस टीम की मुख्य भूमिका : एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के नेतृत्व में थाना प्रभारी प्रशांत राव आहेर, एएसआई सुरीतलाल सिदार, प्रधान आरक्षक दिलदार कुरैशी व अन्य स्टाफ ने इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




