बालोद

‘वार्ड की शिकायत’ बन गई मौत का फरमान : भाजपा पार्षद पर हमला करने वाले तीनों आरोपी गिरफ्तार

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्ली राजहरा में भाजपा पार्षद वीरेंद्र साहू पर हुए क्रूर हमले के तीनों आरोपियों को राजहरा पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्यवाही कर जल्द गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना में प्रयुक्त स्टील का चुड़ा भी जब्त कर लिया गया। इस त्वरित कार्यवाही से स्थानीय लोगों और शहर के गणमान्य नागरिकों में राजहरा पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है।

घटना का पूरा विवरण

11 मार्च 2026 की रात करीब 9 बजे पार्षद वीरेंद्र साहू अपने मित्र हेमंत नेताम के साथ एक शादी समारोह से लौट रहे थे। वार्ड नंबर 7, टीचर कॉलोनी राजहरा के ग्राउंड के पास पहुंचते ही तीनों आरोपी—दीपक साहू, अजित सिंह और कैलाश साहू—ने उनका रास्ता रोका। वार्ड की समस्याओं के निस्तारण न करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मां-बहन की अश्लील गालियां दी, जान से मारने की धमकी दी और हाथ, मुक्कों व स्टील चुड़े से बेरहमी से पीटा। इससे वीरेंद्र साहू की नाक, आंख, गाल व शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। हेमंत नेताम की शिकायत पर शुरुआत में सदर मामला दर्ज किया गया।

जांच में खुले खुलासे

विवेचना के दौरान गवाहों व घायल पार्षद से पूछताछ से सनसनीखेज तथ्य सामने आए। आरोपियों ने जानलेवा हमला करने की पूरी योजना बनाई थी। हाथ, मुक्कों व कठोर स्टील चुड़े से वार किए, साथ ही गमछे से गला दबाने की कोशिश भी की। इस गंभीरता को देखते हुए प्रकरण में धारा 109(1) बीएनएस (हत्या का प्रयास) जोड़ी गई। मेडिकल जांच में चोटों की पुष्टि हुई, जो आरोपियों की हत्या की मंशा को उजागर करती है।

राजहरा पुलिस की सतर्कता व टीम वर्क

प्रकरण की गंभीरता से आगत पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य ने तत्काल निर्देश जारी किए। पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश पटेल व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में सीएसपी राजहरा विकास पटले ने विशेष टीम गठित की। थाना प्रभारी संतोष कुमार भुआर्य के नेतृत्व में राजहरा थाना स्टाफ व साइबर सेल बालोद ने दुर्ग व धमतरी क्षेत्रों में छापेमारी की। साइबर सेल की तकनीकी मदद से आरोपियों का सुराग लगा। पूछताछ में अपराध कबूलने पर तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

प्रशासनिक सक्रियता व सराहना

सीएसपी विकास पटले की दूरदर्शिता ने जांच को नई गति दी, जिससे अपराधी फरार नहीं हो सके। थाना प्रभारी संतोष कुमार भुआर्य की कुशल रणनीति व टीम के समर्पण ने इस मामले को महज कुछ दिनों में सुलझा दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं व व्यापारियों ने थाने में ज्ञापन सौंपकर त्वरित गिरफ्तारी की मांग की थी, जिसे पुलिस ने प्राथमिकता दी। नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने भी पुलिस की तारीफ की। यह घटना नगर के इतिहास में जनप्रतिनिधि पर पहला ऐसा जानलेवा हमला है, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग तेज हो गई है।

छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा सामाजिक संदेश

यह घटना वार्डवासी बनाम प्रतिनिधि के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है। पुलिस की सख्ती से अपराधियों को सबक मिला कि कानून सबके लिए बराबर है। आगे ऐसी वारदातों पर लगाम लगाने हेतु समुदाय व प्रशासन का सहयोग अपेक्षित है।

Feroz Ahmed Khan

संभाग प्रभारी : दुर्ग

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