रायगढ़

स्वच्छता की अलख : पुसौर के गांवों में जन-आंदोलन की गूंज, राज्य सलाहकार ने संभाली कमान…

रायगढ़। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अब केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि रायगढ़ के गांवों में एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। पुसौर विकासखंड के गांवों में स्वच्छता की मुहिम को नई धार देने के लिए राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह ने जमीनी मोर्चा संभाला। बेलपाली से लेकर बड़े हल्दी तक, हर गली और चौपाल पर अब “स्वच्छ गांव-स्वस्थ गांव” का संकल्प गूंज रहा है।

निरीक्षण नहीं, संवाद से बदला नजरिया : राज्य सलाहकार श्रीमती सिंह ने बेलपाली, जकेला, सुकुलभठली, कोसमंदा और बड़े हल्दी का सघन दौरा किया। उन्होंने केवल फाइलों की समीक्षा नहीं की, बल्कि सीधे स्वच्छता दीदियों, स्व-सहायता समूहों और ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कचरा प्रबंधन केवल सफाई नहीं, बल्कि संसाधन प्रबंधन है।

​”जब हम गीला और सूखा कचरा अलग करते हैं, तो हम गंदगी नहीं, बल्कि खाद और पुनर्चक्रण योग्य सामग्री बना रहे होते हैं। यह पर्यावरण और गांव की अर्थव्यवस्था दोनों के लिए संजीवनी है।”

श्रीमती मोनिका सिंह, राज्य सलाहकार (SBM-G)

ग्रामीणों का ‘कचरा पृथक्करण’ महा-संकल्प : इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि ग्रामीणों की सहभागिता रही। निरीक्षण के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से हाथ उठाकर संकल्प लिया कि:

  • ​वे अपने घरों में नीले और हरे डस्टबिन का महत्व समझेंगे।
  • ​गीले और सूखे कचरे को स्रोत पर ही अलग करेंगे।
  • ​गांव को प्लास्टिक मुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देंगे।

स्वच्छता योद्धाओं का बढ़ा मनोबल : श्रीमती सिंह ने गांव की स्वच्छता की रीढ़ कही जाने वाली स्वच्छता दीदियों और स्वच्छग्राहियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने उनके मानदेय भुगतान की प्रक्रिया की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन जमीनी कार्यकर्ताओं को हर संभव सहायता और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी ऊर्जा बनी रहे।

प्रमुख उपस्थित अधिकारी – निरीक्षण दल में जिला और ब्लॉक स्तर के महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल रहे :

  • श्री वीरेन्द्र सिंह राय (सहायक परियोजना अधिकारी)
  • श्री हीरा सिंह (जिला सलाहकार)
  • श्रीमती राधिका पटेल (ब्लॉक सेनिटेशन ऑफिसर)
  • ​मनरेगा के तकनीकी सहायक एवं स्थानीय सरपंच-सचिव।

पुसौर के इन गांवों में शुरू हुई यह सक्रियता पूरे रायगढ़ जिले के लिए एक मॉडल पेश कर रही है। अधिकारियों और जनता के बीच का यह समन्वय आने वाले समय में जिले को ‘स्वच्छता रैंकिंग’ में शीर्ष पर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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