जनता के सब्र का बाँध टूटा: विधायक व्यास कश्यप के नेतृत्व में नैला फाटक पर आर-पार की जंग!…

नैला-जांजगीर। जब प्रशासन बहरा हो जाए और सिस्टम फाइलों में दब जाए, तो जनता को सड़कों पर उतरना ही पड़ता है। कुछ ऐसा ही मंजर आज जांजगीर-नैला में देखने को मिल रहा है। मुंबई-हावड़ा मुख्य रेलमार्ग पर स्थित नैला रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज की मांग को लेकर विधायक व्यास कश्यप के नेतृत्व में एक विशाल जनआंदोलन का शंखनाद हो चुका है।
जाम का झाम: एम्बुलेंस फंसी, जनता बेहाल : नैला फाटक अब सिर्फ एक रेलवे क्रॉसिंग नहीं, बल्कि शहर के लिए ‘मुसीबत का गले का फांस’ बन चुका है। दिन भर में दर्जनों बार फाटक बंद होने से यहाँ वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लग जाती हैं।
- आपातकालीन संकट : जाम में सिर्फ गाड़ियाँ नहीं, बल्कि जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे मरीज और एम्बुलेंस भी फंस जाते हैं।
- प्रभावित वर्ग : स्कूल जाते बच्चे, व्यापार के लिए निकलते व्यापारी और दफ्तर जाने वाले लोग हर रोज यहाँ अपने जीवन के कीमती घंटे बर्बाद करने को मजबूर हैं।
आंदोलन की 4 बड़ी हुंकार (प्रमुख मांगें) : आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब खोखले आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- ओवरब्रिज का निर्माण : नैला रेलवे फाटक पर तत्काल ओवरब्रिज का काम शुरू हो।
- मिशन अस्पताल अंडरब्रिज : चांपा समपार (मिशन अस्पताल) के पास अंडरब्रिज बनाया जाए।
- ट्रेनों का ठहराव : जांजगीर-नैला स्टेशन पर गोंडवाना एक्सप्रेस और साउथ बिहार एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों को स्टॉपेज दिया जाए।
- स्टेशन का कायाकल्प : स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और मूलभूत संसाधनों का विस्तार हो।
“हमने बार-बार रेलवे और जिला प्रशासन को इस नरक जैसी स्थिति से अवगत कराया, लेकिन उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। अब यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है। जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।” व्यास कश्यप, विधायक
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल : हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग देश के सबसे व्यस्ततम रेल मार्गों में से एक है, फिर भी यहाँ ओवरब्रिज जैसी बुनियादी ज़रूरत को सालों से अनदेखा किया जा रहा है। विधायक कश्यप का आरोप है कि प्रशासनिक सुस्ती और इच्छाशक्ति की कमी के कारण जनता को यह प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
यह आंदोलन केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि जांजगीर की जनता के हक की लड़ाई है। देखना यह होगा कि क्या इस ‘जन-आक्रोश’ के बाद रेलवे विभाग की नींद टूटती है या नैला की जनता को अभी और लंबे जाम का दंश झेलना पड़ेगा।




