ऑपरेशन शंखनाद: रायगढ़ पुलिस का तस्करों पर ‘वज्रपात’, 7 गिरफ्तार, 18 गौवंश मुक्त…

रायगढ़। जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जारी ‘ऑपरेशन शंखनाद’ ने तस्करों की कमर तोड़ दी है। रायगढ़ पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम देते हुए 7 अंतरराज्यीय तस्करों को दबोचा है। इनके चंगुल से 18 मवेशियों को मुक्त कराया गया है, जिन्हें कत्लखाने ले जाने की तैयारी थी।
घरघोड़ा पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक : 5 तस्कर और 2 पिकअप जब्त – घरघोड़ा पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम कुडूमकेला के रास्ते दो पिकअप वाहनों (CG-13-AK-5603 और CG-13-AQ-7900) में मवेशियों को ठूंस-ठूंस कर ले जाया जा रहा है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर आत्माराम चौहान, शंभुसाय पैंकरा, संतोष कुमार, विजय मांझी और बुधराम को गिरफ्तार किया।
क्रूरता की हदें पार : तस्करों ने 10 बैलों को बिना चारा-पानी के रस्सियों से इस कदर बांध रखा था कि वे हिल भी नहीं पा रहे थे। पुलिस ने वाहन और मवेशी जब्त कर आरोपियों को जेल भेज दिया है।
लैलूंगा पुलिस की कार्रवाई : उड़ीसा ले जाते 8 गौवंश मुक्त – दूसरी सफलता लैलूंगा पुलिस को मिली, जहां होली ड्यूटी के दौरान पेट्रोलिंग कर रही टीम ने तोलमा-जरलापारा मार्ग पर दबिश दी। आरोपी गोपी यादव और सुकरू लकड़ा 8 गौवंश को मारते-पीटते जंगल के रास्ते उड़ीसा खदेड़ रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और करीब 1,20,000 रुपये कीमत के मवेशी बचाए।
⚠️ SSP का अल्टीमेटम : “बख्शे नहीं जाएंगे तस्कर” – एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई के बाद कड़ा संदेश देते हुए कहा कि रायगढ़ में अवैध पशु परिवहन पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। उन्होंने स्पष्ट किया:
- पशु क्रूरता करने वालों के खिलाफ अभियान और तेज होगा।
- जिलों की सीमाओं पर पुलिस की पैनी नजर है।
- अवैध परिवहन में शामिल वाहनों को राजसात करने की प्रक्रिया भी की जाएगी।
दर्ज मामले : पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की है।




