रायगढ़

लैलूंगा में ‘हिट एंड रन’ : तमाशबीन बनी रही दुनिया, मसीहा बनकर आए प्रेस क्लब अध्यक्ष…

लैलूंगा। रफ्तार का जुनून और इंसानियत का कत्ल! लैलूंगा क्षेत्र में एक बार फिर एक बेलगाम कार ने सड़क पर मौत का तांडव रचा। एक अज्ञात कार चालक ने बाइक सवार युवक को इतनी ज़ोरदार टक्कर मारी कि युवक का सिर फट गया और सड़क खून से लाल हो गई। लेकिन इस दर्दनाक मंजर से भी ज्यादा खौफनाक रही लोगों की बेरुखी, जो तड़पते हुए युवक की मदद करने के बजाय तमाशबीन बने रहे।

रफ्तार का कहर : सिर फटा, सड़क हुई लहूलुहान – ​प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि बाइक सवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। टक्कर मारकर कार चालक कायरों की तरह मौके से फरार हो गया। घायल युवक, जिसकी पहचान ग्राम झार आमा निवासी के रूप में हुई है, सड़क पर पड़ा दर्द से कराहता रहा। सिर से बहते खून ने सड़क को लाल कर दिया था, लेकिन गुजरने वाले राहगीरों के हाथ मदद के लिए नहीं, बल्कि मोबाइल पर वीडियो बनाने के लिए उठे।

इंसानियत की मिसाल : फिर आगे आए चन्द्रशेखर जायसवाल – ​जब मानवता दम तोड़ रही थी, तभी लैलूंगा प्रेस क्लब के अध्यक्ष चन्द्रशेखर जायसवाल वहां पहुंचे। उन्होंने बिना एक पल गंवाए भीड़ को चीरा और लहूलुहान युवक को अपने निजी वाहन में लादकर अस्पताल की ओर दौड़ पड़े।

​”अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि अगर युवक को लाने में थोड़ी भी और देरी होती, तो अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी जान बचाना नामुमकिन था।”

आदत में शुमार है ‘मदद’ : ​यह कोई पहली बार नहीं है जब चन्द्रशेखर जायसवाल ने किसी की उजड़ती जिंदगी को सहारा दिया हो। यह चौथी बार है जब उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल किसी अजनबी को मौत के मुंह से खींच निकाला है। क्षेत्र में उनकी इस जांबाजी और सेवा भावना की हर तरफ चर्चा हो रही है।

प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल : इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है :

  • सीसीटीवी का अभाव : मुख्य मार्गों पर कैमरों की कमी के कारण अपराधी बेखौफ फरार हो जाते हैं।
  • सफेदपोशों की चुप्पी : आखिर कब तक अज्ञात वाहनों के पहिए मासूमों को कुचलते रहेंगे?
  • जनता की मांग : स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि फरार कार चालक को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

संपादकीय टिप्पणी: यह घटना समाज के लिए एक आईना है। जहाँ एक ओर भागता हुआ कार चालक ‘अपराधी’ है, वहीं मदद न करने वाली भीड़ ‘मूक अपराधी’ है। सलाम है चन्द्रशेखर जायसवाल जैसे जांबाज को, जिन्होंने साबित किया कि इंसानियत अभी भी जिंदा है।

जय हिन्द…

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!